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    Published On : Tue, Sep 3rd, 2019
    News 3 | By Nagpur Today Nagpur News

    देवेंद्र फडणावीस और दयनीय दानवे!

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, युवा देवेन्द्र फडणावीस के खुद के दावे को कि, वे पुनः आ रहे हैं ,छोड़ भी दें तब भी संपूर्ण प्रदेश एकमत कि हाँ, वे फिर आ रहे हैं ।अर्थात, महाराष्ट्र में पुनः फडणावीस के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है।प्रदेश का विश्वास फडणावीस के नेतृत्व में कायम है।पार्टी के स्थानीय और केंद्रीय नेतृत्व का विश्वास उनमें कायम है।

    बावजूद इसके, केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के एक प्रमुख भाजपा नेता दानवे ने मुख्यमंत्री बनने की इच्छा क्यों व्यक्त की?प्रदेश में भाजपा के अंदर और बाहर यह सवाल पूछा जा रहा है।मालूम हो कि पिछले दिनों जालना में एक कार्यक्रम के दौरान दानवे ने टिप्पणी की थी कि वे सरपंच से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का दायित्व संभाल चुके हैं, अगली बार मुख्यमंत्री पद के बारे में सोचेंगे।चूंकि, दानवे प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाल चुके, राज्य के बड़े नेता हैं, उनकी इच्छा को राजनीतिक समीक्षकों का एक वर्ग महत्वहीन मानने को तैयार नहीं।हालांकि, यह वर्ग भी जानता है कि पार्टी के अंदर और बाहर, प्रदेश में अपनी मजबूत पकड़ बना चुके देवेंद्र फडणावीस अजेय के रूप में स्थापित हो चुके हैं।उन्हें चुनौती देना संभव नहीं।फिर, दानवे ने ऐसी इच्छा क्यों व्यक्त की? अगर ये सामान्य मानवीय कमजोरी प्रेरित है,तो इसे किसी राजनीतिक कोण से नहीं देखा जाना चाहिए।अगर,दुहरा दूं अगर, ‘इच्छा’ में राजनीति निहित है, तो दानवे इससे बचें।कोमल मन की कोमल-मधुर इच्छा कभी-कभी असहज फल दे देती है।केंद्रीय मंत्री बन चुके हैं, अपनी समझ-श्रम को वहीं केंद्रित करें।खुद के किसी आचरण से स्वयं को दयनीय नहीं बनायें।

    महाराष्ट्र में कांग्रेस-राकांपा युति ढलान पर है।कांग्रेस जहाँ नेतृत्व के अभाव से पीड़ित है, राकांपा आंतरिक कलह से बिखर रही है।दोनों दलों से प्रमुख नेता भाजपा-शिव सेना का रूख कर रहे हैं।सरकारी तंत्रों का दबाव भी उन्हें झेलना पड़ रहा है।हालात ऐसे कि कहीं विधानसभा चुनाव में भाजपा-सेना युति को ‘वाॅक ओवर ‘ न मिल जाए!

    उपरोक्त सहज,अनुकूल अवस्था के मध्य,भाजपा नेतृत्व नहीं चाहेगा कि दानवे या अन्य कोई ऐसा ऐसा बयान दे, जिससे किंचित मात्र भी भ्रम पैदा हो!भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व साफ भी कर चुका है कि प्रभावी और सुदृढ़ नेतृत्व प्रदान करने में सफल देवेंद्र फडणावीस को सभी सहयोग करें, छेड़े नहीं!


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