Published On : Thu, Nov 22nd, 2018

विभागीय खेल संकुल : चार अन्य गेटों का निर्माण समझ से परे

नियमित खेल,प्रशिक्षण कार्यक्रम को रौंद रहा आइआरसी अधिवेशन

नागपुर: काफी वर्षों बाद नागपुर में विभागीय खेल संकुल का निर्माण छिंदवाड़ा मार्ग स्थित मानकापुर में किया गया. जिसे संचालन के लिए राज्य सरकार ने निधि देने से हाथ खड़े कर दिया. नतीजा प्रबंधन इस परिसर में नाना प्रकार के आयोजनों को तरजीह देकर रख-रखाव खर्च अर्जित कर रहे. नतीजा खेल,प्रशिक्षण,स्पर्धा नियमित होने के बजाय बाधित होने से खेल प्रेमी नाराज हैं. इसी क्रम में कल से इसी प्रांगण में इंडियन रोड कांग्रेस का ५ दिवसीय आयोजन शुरू होने वाला है. जिसके लिए मुख्य २ गेट होने के बावजूद अन्य ४ गेट का निर्माण समझ से परे है.

जब से उक्त संकुल का निर्माण हुआ है, इसे खेल के लिए कम और अन्य जलसों के आयोजन के लिए ज्यादा प्रसिद्धी मिली है. इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि खेल, प्रशिक्षण, स्पर्धा में व्यवधान न डालते हुए होनेवाली आय से परिसर की देखभाल की जा रही है. आइआरसी इस परिसर को ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ की तर्ज पर धुन रहा है.

इस परिसर के सामने के खुली जगह पर नियमित माह में २-५ दफे रिसेप्शन,सामाजिक कार्यक्रम आदि होते ही रहते हैं. आयोजक आयोजन कर मैदान में गंदगी फैलाकर चलते बनते हैं. जिसका नागपुर टुडे ने बारंबार आगाह किया है.

इस दफे तो संकुल प्रबंधन ने हद्द कर दी. इंडियन रोड कांग्रेस को महीने भर के लिए सम्पूर्ण परिसर दे दी, वह भी सभी प्रकार के खेल, प्रशिक्षण, स्पर्धा आदि को बंद करवा कर. आइआरसी ने अपने उद्देश्यपूर्ति के लिए सम्पूर्ण परिसर को अपने हिसाब से कर लिया. जाहिर सी बात है कि जब यह जलसा हटेगा तब पुनः मैदान परिसर को यथावत करने के लिए खर्च के साथ समय लगेगा.

इतना ही नहीं संकुल प्रबंधन खेल,प्रशिक्षण,स्पर्धा आदि के लिए परिसर के दो मुख्य द्वार में से एक ही खुली रखती थी. दूसरा पर ताला जड़ा सभी ने देखा. आइआरसी ने अपने स्वार्थ के लिए दोनों मुख्य द्वार खोलने के साथ ही साथ अन्य ४ गेट का निर्माण कर अस्थाई द्वार बना लिया. इसमें से एक बस्ती,तो दूसरी मंदिर और तीसरी-चौथी सादिकाबाद आवाजाही मार्ग पर खुलती है. जिसे कार्यक्रम समाप्ति के बाद स्थाई रूप से बंद नहीं किया गया तो परिसर के लिए सरदर्द बन सकता है.