
नागपुर: अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर देवलापार स्थित गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र ‘गोतीर्थ’ में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के हस्ते पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर दो नई परियोजनाओं की घोषणा भी की गई।
लोकार्पित परियोजनाओं में जैविक खाद यूनिट, देशी गोवंश संवर्धन के लिए आईवीएफ यूनिट, बैलचालित बिजली उत्पादन यूनिट और रानी दुर्गावती ग्रामीण हाट सहित अन्य पहल शामिल हैं। इसके अलावा पंचगव्य कैंसर वेलनेस सेंटर और गोविद्यापीठ की स्थापना की घोषणा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि अशोक सिंघल और मोरोपंत पिंगले ने जो संकल्प लिया था, वह आज साकार हो रहा है। उन्होंने गोसेवा को केवल धार्मिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए इसे कृषि, ऊर्जा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया।
वहीं, राज्यमंत्री आशीष जायसवाल ने देवलापार को गौ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने महिला बचत समूहों को चारा उत्पादन से जोड़ने की दिशा में भी पहल करने की बात कही।



