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    Published On : Wed, Apr 12th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    मध्यवर्ती सहकारी बैंक घोटाले की दोबारा जाँच शुरू कराने की माँग


    नागपुर:
    शहर के चर्चित बैंक घोटाले (नागपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ) की दोबारा जाँच की माँग की गयी है। मुंबई उच्च न्यायलय की नागपुर खंडपीठ में आेमप्रकाश कामडी नामक शख्श ने याचिका दाखिल कर 150 करोड़ रूपए के घोटाले की दुबारा जाँच शुरू किये जाने की अपील की है। इस याचिका में जाँच के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने और एक माह के भीतर जाँच पूरी कराने की प्रार्थना भी उच्चन्यायलय से की गई है। इस मामले में सीधे तौर पर बैंक के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा कांग्रेस पार्टी के विधायक सुनील केदार फंसे हुए है।

    मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने जाँच का आदेश दिया था। पर इस जाँच विधायक सुनील केदार ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। लगभग दो वर्ष पहले सुप्रीम कोर्ट ने जाँच पर स्थगन लगा दिया। अब हांलही में देश की सुप्रीम अदालत ने केदार की याचिका ख़ारिज कर दी। जिसके बाद अब इस मामले की दोबारा जाँच शुरू किये जाने की माँग उठाई जा रही है।

    वर्ष 2002 में सामने आए नागपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के करोड़ों रुपए के इस घोटाले में विशेष लेखा परीक्षक विश्वनाथ असवर ने बैंक का ऑडिट करके 29 अप्रैल 2002 में गणेशपेठ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद बैंक के पूर्व अध्यक्ष सुनील केदार, महाव्यवस्थापक अशोक चौधरी और अन्य पर भादवि धारा 406, 409, 468, 12-ब, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपियों से नुकसान वसूलने का आदेश जारी किया गया था।

    सुनील केदार की याचिका पर सुनवाई करते हुए 3 अगस्त 2015 को सर्वोच्च न्यायालय ने जांच पर स्थगन लगाया था, जिसके बाद से अब तक यह जांच लंबित है। याचिकाकर्ता की तरफ़ से अधिवक्ता श्रीरंग भंड़ारकर ने पैरवी।

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