Published On : Wed, Jul 1st, 2020

हॉकर्स संगठनों का प्रतिनिधिमंडल मिला पुलिस आयुक्त से

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– पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की की गई मांग

नागपुर– नागपुर जिला पथ विक्रेता (हॉकर) संघ एवं साप्ताहिक बाजार पथ विक्रय (हॉकर) संघ का संयुक्त शिष्टमंडल मा. भूषण कुमार उपाध्याय, पुलिस आयुक्त से मिला और यह मांग की कि गई की पथ विक्रेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को अविलंब रोका जाए! प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाई जम्मू आनंद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेशनल हॉकर फेडरेशन ने किया! प्रतिनिधिमंडल में शिरीष फुलझले (कार्याध्यक्ष) कविता धीर (सचिव) नागपुर जिल्ला हॉकर संघ तथा सुरेश गौर (अध्यक्ष) नियाज पठान (उपाध्यक्ष) हेमंत पाटमासे (सह सचिव) साप्ताहिक बाजार पथ विक्रेता संघ प्रमुख रूप से उपस्थित थे!

नागपुर प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से कहा कि लॉकडाउन के चलते फुटपाथ दुकानदार एवं उसका परिवार आज भुखमरी के कगार पर आ पहुंचा पिछले 4 महीने में जो कुछ जमा पूंजी फुटपाथ दुकानदारों की थी वह सब खत्म हो गया है! ऐसे सूरत में अब जब धीरे-धीरे समाज और बाजार खुल रहा है तो फुटपाथ दुकानदार की आशाएं और आकांक्षाएं भी बढ़ने लगी है! और उन्हें लगने लगा है कि अब धीरे-धीरे उनका भी जीवन पटरी पर लौट आएगा! लेकिन इस विपरीत परिस्थिति में भी जब उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई होती है तो यह किसी यातना से कम नहीं होता है! अतः इस विपरीत परिस्थिति में जब देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, लोगों की क्रय शक्ति निचले स्तर पर आ पहुंची है!

अनौपचारिक अर्थव्यवस्था ही एकमात्र पर्याय आम जनता के सामने है जहां उसकी जरूरतें पूरी हो सकती है और दुकानदार देश के अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है फुटपाथ दुकानदारों को ध्वस्त करने से किसान हो चाहे घरेलू उद्योग हो छोटे व्यापारी हो उनके ऊपर भी विपरीत परिणाम पड़ता है अतः प्रतिनिधिमंडल ने मा. पुलिस आयुक्त से आग्रह किया है कि वे फुटपाथ दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से बाज आए! प्रतिनिधिमंडल ने मा. पुलिस आयुक्त को इस बात का ध्यान भी दिलाया कि देश में फुटपाथ दुकानदार एवं उसके व्यवसाय को संरक्षण देने वाला कानून पथ विक्रेता (उपजीविका संरक्षण एवं विक्रय विनयमन) कानून 2014 जिसके तहत शहर का एक एक फुटपाथ दुकानदार को संरक्षण प्राप्त हुआ है! ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ गैर कानूनी कार्रवाई ना किया जाए!

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प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया लॉकडाउन की वजह से शहर के प्रदुषण में गुणात्मक गिरावट आई है और इस गिरावट को बनाये रखना हम सबकी जिम्मेदारी है क्योंकि प्रदूषण और करुणा वायरस दोनों ही इंसानों के फेफड़ों पर हमला करते हैं, सारी दुनिया में एक ओर निजी वाहनों को सड़कों पर निरुत्साहित किया जा रहा है. सड़कों को लोगों के लिए खोला जा रहा है. पैदल चलने वाले हो, साइकिल चलने वाले हो या फिर सार्वजनिक व्यवस्था वाहतूक प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है. बड़े पैमाने पर फुटपाथ दुकानदारों के लिए खुली की जा रही है,जिन शहरों के सड़कों पर लोग होंगे उन शहर में प्रदूषण भी कम होगा इस सिद्धांत को अब दुनिया ने माना है.

अतः नागपुर शहर में भी प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि निजी वाहनों को सड़कों पर कम से कम आए इस प्रकार की नीतियां अपनानी पड़ेगी। शहर की सड़के भी पैदल चलनेवाले, साइकिल चलानेवाले एवं सार्वजनिक बस यातायात के लिए खुली करनी होगी, सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग चले वाहन नहीं क्योंकि जिन सड़कों पर लोग होंगे उस सड़कों पर प्रदूषण कम होगा। फुटपाथ दुकानदार एक ऐसा घटक है जो पर्यावरण की रक्षा और प्रदूषण को कम करने में एक निर्णायक भूमिका निभाता है! कारण कि फुटपाथ दुकानदारों का ग्राहक बुनियादी तौर पर पैदल चलने वाला होता है! इसलिए प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त से लॉकडाउन और जो परिस्थिति है और दुनिया के अनुभव को साझा करते हुए इस ओर सोचने के लिए आग्रह किया। पुलिस आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दे को गंभीरता से सुना और तमाम पुलिस उपायुक्तों को योग्य निर्देश आज के आज दे दिए जाएंगे।

आज के इस प्रतिनिधिमंडल ने मा. पुलिस आयुक्त के नजर में एक ऐसी घटना की ओर आकर्षित किया जहां उन्ही के पर्सनल सेक्रेटरी पीएसआई राजेंद्र सावंत जो घर से कार्यालय और कार्यालय से घर साइकिल का इस्तेमाल करते हैं. इसलिए उनके इस पर्यावरण को लेकर जो प्रतिबद्धता है उसको ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधि मंडल ने मा. पुलिस आयुक्त के हाथों श्री सावंत को तुलसी का पौधा देकर सत्कार किया गया.

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