Published On : Sat, Jul 30th, 2016

मायावती को ‘गाली’ देने वाले दयाशंकर को 14 दिन की जेल, CM को दी ‘चुनौती’

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dayashankar2-580x395Lucknow: मायावती को गाली देने के आरोपी बीजेपी के बर्खास्त उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है. दयाशंकर को कल रात मऊ कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेजा गया. दयाशंकर सिंह ने जेल जाने से पहले मुख्यमंत्री से बीएसपी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की.

सीएम अखिलेश यादव को दी चुनौती

गिरफ्तारी के बाद दयाशंकर ने खुले तौर पर यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनौती दे डाली. उन्होंने कहा कि उनकी परिवार के हर सदस्य के साथ अन्याय किया गया है. उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है. ऐसे में सरकार उन्हें गिरफ्तार कर के दिखाए. गौरतलब है कि दयाशंकर की पत्नी की ओर से यह मुकदमा दर्ज कराया गया है.

बिहार के बक्सर से इन्हें गिरफ्तार किया गया था

कल दिन में पुलिस ने बिहार के बक्सर से इन्हें गिरफ्तार किया और रात को मऊ की अदालत में पेश किया. जहां से उन्हें 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है. यूपी के मऊ में ही 19 जुलाई को दयाशंकर सिंह ने मायावती के खिलाफ टिप्पणी की थी. लखनऊ में केस दर्ज होने के बाद से वो फरार थे. मऊ की अदालत में दया शंकर सिंह की ओर से जमानत की अर्जी भी दी गई लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज करते हुए जेल भेजने का आदेश दिया.

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लुका छिपी का खेल, खेल रहे थे दयाशंकर

पुलिस से लुका छिपी का खेल, खेल रहे दयाशंकर पिछले दिनों झारखंड के देवघर में दर्शन के लिए भी गए थे. लेकिन, जेल जाने से उन्हें राहत नहीं मिली. दया शंकर सिंह बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष थे. लेकिन, गाली कांड के बाद पार्टी ने बर्खास्त कर दिया. बाद में मायावती के खिलाफ पत्नी स्वाति सिंह ने मोर्चा संभाला और अब बीजेपी पर दयाशंकर को वापस लेने का दबाव बढ़ता जा रहा है.

दयाशंकर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था

आपको बता दें कि मायाती को गाली देने के मामले में लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. वारंट के खिलाफ दयाशंकर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिल सकी. जिसके बाद से पुलिस शिद्दत के साथ उनकी गिरफ्तारी की कोशिश में लगी थी.

हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली

हालांकि, खबरें ये भी थी कि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद दयाशंकर सिंह ने आत्मसमर्पण का मन बना लिया था. इसी बीच उनकी गिरफ्तारी की खबर आई. मायावती के खिलाफ अपशब्द बोलने और उसको लेकर देशभर में मचे बवाल के बाद बीजेपी ने दयाशंक को पार्टी से निकाले दिया था.

क्या है पूरा ‘गाली कांड’ ?

मायावती पर टिप्पणी करके दयाशंकर सिंह ने 19 जुलाई को विवाद की शुरुआत की. इसके बाद 21 जुलाई को बीएसपी वालों ने दया शंकर की बेटी को लेकर अपशब्द कहे.

मायावती और बीएसपी नेताओं पर केस दर्ज करा दिया

गाली को लेकर पहले बीएसपी ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया. इसके जवाब में दया शंकर सिंह के परिवार ने भी मायावती और बीएसपी नेताओं पर केस दर्ज करा दिया. पहले लखनऊ की सीजीएम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर दयाशंकर के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी.

क्या कहा था दया शंकर सिंह ने?
मायावती को लेकर उपाध्यक्ष दया शंकर सिंह ने कहा था, “मायावती टिकट बेचती हैं. वो इतनी बड़ी नेता हैं, तीन बार सूबे की सीएम रही हैं. लेकिन वो उन्हें टिकट देती हैं जो उन्हें 1 करोड़ रुपये देने को राजी होता है. अगर कोई 2 करोड़ देने को तैयार हो जाता है तो वो उसे टिकट दे देती हैं. अगर कोई 3 करोड़ दे दे तो उसे ही दे देंगी. आज उनका चरित्र #@&*% से भी ज्यादा खराब है.”

हाईलाइट्स

लखनऊ के हजरतगंज थाने में दयाशंकर सिंह के खिलाफ इन धाराओं में मामला दर्ज किया गया था.

: आईपीसी की धारा 153A यानी कटुता बढ़ाने वाला बयान. इसमें सजा 2 साल तक की होती है.

: धारा 504 यानी गाली गलौज करना इसमें भी 2 साल तक की सजा है.

: धारा 509 यानी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना. इसमें भी दो साल तक की सजा है. और ये तीनों जमानती धाराएं हें.

: एससी एसटी एक्ट की धारा 310 के तहत भी केस दर्ज हुआ है. इस धारा में लोअर कोर्ट से जमानत की गुजाइंश नहीं होती है.

कौन हैं दयाशंकर सिंह?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू करने वाले दयाशंकर पिछले हफ्ते ही बीजेपी के उपाध्यक्ष बने थे. इससे पहले वो युवा मोर्चा में भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं. 1999 में लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए. साल 2007 में बलिया विधानसभा सीट से टिकट मिला लेकिन हार गए.

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