Published On : Mon, Nov 9th, 2020

दमा दम मस्त कलंदर सूफी गीतों ने बनाया माहोल

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नागपुर: ग़ज़ल, कव्वाली, सूफी गीत इन्‍सान को एक अलग दुनिया में ले जाते हैं। यह दुनिया कभी प्रेम की, कभी अलगाव की और कभी ईश्वर की प्रार्थनाओं में उलझने की होती है। हार्मोनी के गायकोंने ऐसेही कुछ गीतों को ‘हलका सुरूर’ इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्‍तुत किया ।

‘हलका सुरूर …’ शनिवार को फेसबुक लाइव के माध्‍यम से हार्मनी इवेंट्स द्वारा पेश किया गया। इस आयोजन की परिकल्पना हार्मोनी इवेंट्स के निदेशक राजेश समर्थ ने की, जबकि श्वेता शेलगांवकर ने मंच संचालन किया।

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हरहुन्नरी गायक मोहम्मद मुनाफ, नवोदित गायक नीलू शेख और सूफी गायक रिजवान साबरी ने इस कार्यक्रम के विभिन्न गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरुआत मोहम्मद मुनाफ ने फिल्म हिना के सूफी गीत मरहबा सईदी मक्का मदीना से की। उसके बाद, चिट्ठी ना कोई संदेश इस गीत की प्रस्‍तुती नीलू शेख ने दी । अल्लाह हू तारीफ तेरी यह सूफी गीत रिजवान साबरी द्वारा प्रस्‍तुत किया गया । लंबी जुदाई यह लोक गीत अपने अनोखे अंदाज में नीलू शेखने प्रस्‍तुत किया । तू इस तरह से मेरी यह ग़ज़ल सुनील गजभिये ने जबकि दमा दम मस्त कलंदर सूफी गाना नीलू शेख द्वारा गाया गया ।

मुझे दर्दे दिल का पता न था, सोचता हूं कि, होठों से छू लो तुम, दिल की यह आरजू थी, भर दो झोली मेरी, हमें तो लूट लिया मिलके, तेरे दर पर झुके मेरा सर ऐसे एक से बढकर एक गीत गायकों द्वारा प्रस्‍तुत किये गये । कार्यक्रम समापन रिजवान साबरी और नीलू द ्वारा गाये गये एक मुलाकात जरूरी है इस गीत के साथ हुआ । गायकों को मंगेश पटले ने कीबोर्ड पर, अमित तांबे ने तबले पर, सुमित तांबे ने ढोलक पर और ऑक्टोपॅड पर शान पाटिल समा बांधा । कार्यक्रम की सफलता में मनोज पिद्दी, हर्षल परते और सुनील बोम्बले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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