Published On : Thu, Dec 7th, 2017

साइबरटेक ने मचाया करदाताओं में कोहराम

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नागपुर: अमरावती में ब्लैक लिस्टेड साइबरटेक के नागपुर मनपा में प्रवेश ने पहले ही कई सवाल खड़े किए थे, अब इनके अंकेक्षण से उपजे विवाद ने शहर के नियमित करदाताओं के बीच कोहराम मचा दिया है. मनपा के जोन द्वारा वितरित किए जा रहे कर के डिमांड में ३ से १० गुणा कर बढ़ोत्तरी को देख नागरिक हक्के-बक्के दिखे. तो इस मामले में कर विभाग प्रमुख द्वारा साइबरटेक का पक्ष लिया जाना ‘दाल में काले’ की तरह दिखाई दे रहा है. उक्त मामले को लेकर उग्र हुई महिला नगरसेविका आभा पांडे ने साइबरटेक का ठेका रद्द करने व शहर की सम्पत्तियों का पुनर्मूल्यांकन करने की मांग की. चेतावनी दी कि प्रशासन व सत्तापक्ष ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो जनांदोलन किया जाएगा.

पांडे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार साइबरटेक कंपनी के मूल्यांकन के बाद मनपा ने नया डिमांड जारी कर करदाताओं में वितरित किया. जिसमें ३ से १० गुणा राशि कर के रूप में उल्लेख किया गया. नागरिकों के असंतोष को ध्यान में रख साइबरटेक के प्रतिनिधियों से उनके द्वारा चुनी गई स्लम की तीन सम्पत्तियों का अंकेक्षण करवाया. अंकेक्षण बाद परिणाम हुआ कि पूर्व में भरी गई राशि का ३ से १० गुणा का डिमांड थमाया गया, जबकि प्रत्यक्ष अंकेक्षण के बाद डिमांड का आधा या उससे भी कम राशि हिसाब के बाद आई.

साइबरटेक के कर्मियों ने वितरित डिमांड की राशि को गलत ठहराया. प्रभाग २१ अंतर्गत लालगंज गुजरी स्लम के मात्र ३ घरों का अंकेक्षण करने में साइबरटेक को लगभग ४ घंटे लगे, फिर कैसे मुमकिन हो कि सम्पूर्ण शहर का बिना घर-घर गए सही अंकेक्षण किया गया होगा. साइबरटेक को दिए जा रहे भुगतान मामले पर पिछली आमसभा में पक्ष-विपक्ष ने जमकर आक्रोश दिखाया था, तब प्रशासन ठोस जवाब नहीं दे पाई थी.

इस संबंध में प्रशासन के अधिकारी साइबरटेक का पक्ष लेते हुए ई-गवर्नेंस को डाटा गलत ‘फीड’ करने का आरोप लगाया तो सत्तापक्ष ने चुप्पी साध रखी है. पांडे ने आगे कहा कि नियमित करदाताओं के साथ खिलवाड़ नहीं रुका तो जनांदोलन की जाएंगी, इन्होंने साइबरटेक को बर्खास्त करने और शहर के करदाताओं की सम्पत्तियों का पुनर्मूल्यांकन की मांग की हैं.

उधर आज दोपहर में स्थाई समिति सभापति संदीप जाधव को भी बढ़े डिमांड वितरित होने की शिकायत मिली, उन्होंने शिकायतकर्ता से पुराने और नए डिमांड के प्रति की मांग की. जाधव को शिकायतकर्ता ने यह भी जानकारी दी कि स्कीम में रहने वालों को पानी का बिल ठोक दिया गया है, जबकि स्कीम वाले पानी का बिल अलग से नियमित भरते हैं. जिसे लेकर कल होने वाली समीक्षा बैठक में विभाग से चर्चा कर दाताओं में उपजे असंतोष का निराकरण करेंगे.

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