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    Published On : Thu, Apr 6th, 2017

    शहर के क्राइम पर चला डीसीपी का चाबुक

    नागपुर: बीते 2 सालों से नागपुर शहर को अपराध मुक्त शहर बनाने की दिशा में नागपुर शहर अपराध शाखा उपायुक्त ​श्री रंजन कुमार शर्मा​ और उनकी टीम उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।

    आज यह चर्चा आम है की जहाँ जाये वहाँ कानून व्यवस्था ठीक नही है अपराध के ग्राफ़ में दिनबदिन बढ़ोतरी हो रही है। ।लेकिन यह बातें नागपुर में अपवाद साबित हो रही है। जिसकी बहुत बड़ी वजह पुलिस की कार्यप्रणाली है। बीते कुछ वक्त में नागपुर में जिस तरह से अपराध पर लगाम लगाने का कार्य पुलिस ने किया है। वह क्राइम ब्रांच की तत्परता को दर्शाता है। नागपुर पुलिस के क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी जब से डीसीपी रंजन कुमार शर्मा ने संभाली है तब से यह अहम बदलाव सामने आया है। शर्मा के कार्यभार सँभालते ही आपराधियो पर मोका और तड़ीपार जैसी कार्यवाही शुरू हुई जिससे शहर में शांति बनाने बड़ी कामियाबी हासिल हुई । शर्मा ने अपनी कार्यशैली से शहर केे चोरो में दबंग पुलिस की छबि बनाने का काम किया है । उन्होंने पिछले कुछ समय में चोरो से पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की रक्कम भी जप्त की। त्यौहार हो या चुनावी मौसम , होली हो या दिवाली या ईद पुलिस जिस तरह से शहर में कानून व्यवस्था संभाले हुए है वह काबिल ए तारीफ़ है।

    बीते दौर में नागपुर शहर में कुछ ऐसे ही घटनाक्रम हुए है। इस दौरान नागपुर क्राइम ब्रांच के टीम ने जिस संवेदना और संघर्ष के साथ सुलझाया है उससे नागपुर क्राइम ब्रांच पर लोगो का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

    हम अगर पिछले कुछ सालों का विश्लेषण करे तो हमे पता चलता है कि हमारी पुलिस सक्षम ही नहीं बहादुर भी है जो किसी भी परिस्तिथि को शान्ति और बुद्धि से हल करने में विश्वास रखती है।

    चाहे फिर वैद्य दंपत्ति हत्याकांड हो या फिर सोना जप्ती की कार्यवाही नागपुर क्राइम ब्रांच हर मोर्चे पर बीस ही साबित हुई है।

    आइये देखते है की बीते दिनों अपराध से जुड़ें बीते दिनों में कौन से मामले सामने आए जिसे सुलझाने में क्राइम ब्रांच को सफ़लता हाँथ लगी

    – वैदय दम्पति हत्यकांड का खुलासा
    – अजनी मर्डर के आरोपियों का खुलासा और गिरफ़्तारी
    – राजु भद्रे बुकी अजय राउत की किडनैपिंग का मामला इसी मामले में बुकी सुनील भाटिया की गिरफ़्तारी
    – हुडकेश्वर के बिल्डर को धमकाने के मामले में पोस्टर बॉय गैंग पर लगाया मकोका
    – टेका नाका में डकैती के मामले का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ़्तारी
    – जेल ब्रेक के शातिर अपराधियो को किया गिरफ्तार
    – मकोका कारवाई में डीसीपी की तत्परता काबिले गौर
    – सुभाष शाहू मर्डर खुलासा
    – चैतन्य किडन्यापिंग केस सुलझाया

    सबसे पहले हम हर डालते है केस न.१३/१६ पर जिसमे नाबालिक आरोपियों ने हत्या की घटना को अंजाम दिया। इस हत्याकांड में 9 आरोपि शामिल थे जिनकी उम्र 16 साल से लेकर 19 साल के बीच थी। इसमें पुलिस ने भा.दं.वि. की धारा ३०२, १४४,१४३,१४७,१४८,१४९ के तहत कार्यवाही करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया । उसी तरह वाड़ी थानान्तर्गत प्रकरण क्र. १८०/१६ में क्राइम ब्रांच ने हत्या की घटना को उजागर किया। इसमें पुलिस ने ३०२ के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया ।

    एक अन्य प्रकरण में राणाप्रताप नगर थानांतर्गत पुलिस ने केस क्र. १६३/१६ में दंगा तथा हत्या करने के जुर्म में धरा ३०२, १४७, १४३, १४९ के तहत आरोपियों को गिरफ्तार कर क्राइम ब्रांच ने संबंधित स्टेशन को सूचित किया और मामले के तीन आरोपियों को पकड़कर थाने के हवाले किया।

    धंतोली थानांतर्गत केस क्र. २१/१६ में ठगी की घटना को क्राइम ब्रांच ने उजागर किया । इसमें पुलिस ने धारा ४२० के तहत ठगी और धारा ५१, ६३ के कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 9 ,10 ,609 रूपए का माल बरामद किया । आरोपी अभी पुलिस के हिरासत में है। कोराडी थानांतर्गत केस क्र. ८९/१६ में भी क्राइम ब्रांच ने अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रकरण हत्या का था तो उसकी गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण को उसी तत्परता से कार्यवाही कर हल किया । प्रकरण में ३०२ के तहत कार्यवाही की गई और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

    इसी तरह बजाज नगर थाने के अंतर्गत पुलिस ने जबर्दस्ती से की गई चोरी का मामला उजागर कर उसे भी हल कर दिया। केस क्र. ५/१६ में आरोपी ने घर में रखे 12 हजार नकद और एक बुलेट मोटर सायकल उठा कर ले गए थे । मामले में पुलिस ने माल जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसी मामले के आरोपियों पर प्रताप नगर थाने में भी दो प्रकरण ३९२ के तहत केस क्र. ३६६/१६ क और ४१६/ १६ प्रकरण दर्ज है।
    क्राइम ब्रांच पुलिस सिर्फ हत्या और चोरी में ही नहीं तो शराब और नशीले पदार्थो के रोकथाम के लिए भी तत्परता से कार्य कर रही है। लकडगंज थाना अंतर्गत पुलिस ने केस क्र. ६०१/१७ क के धारा ६५ ई (दारुबंदी कायदा) के तहत कार्यवाही करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। और उनसे ५२५०० की शराब समेत १,५३,३०० माल जप्त किया । अन्य प्रकरण में क्राइम ब्रांच ने कलमना थाना अंतर्गत केस क्र. ३००६/१६ में आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहकम १३५ मपोका व कलम ३+25 के तहत कार्यवाही करते हुए आरिपियो से पिस्टल व जिन्दा कारतूस बरामद किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अन्य प्रकरण में क्राइम ब्रांच पुलिस ने सोनेगांव थाना अंतर्गत केस क्र. ३८/१६ क में 3 आरोपियों को हत्याकांड में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर धारा ३०२ के तहत कार्यवाही की। उसी प्रकार सीताबर्डी पुलिस स्टेशन अंतर्गत केस क्र. ५१०/१६ में हत्या का प्रयास के आरोप में अपराधियों को गिरफ्तर कर उनसे ङो पिस्टल बरामद की और धारा३०७, १४३, १४७ , १४८, १४९, के तहत कार्यवाही की। हत्या की घटना को लेकर क्राइम ब्रांच की संवेदनशीलता देखते ही बनती है। हुड़केहवार थाना अंतर्गत केस क्र. ५४२/१६ और जरीपटका थानांतर्गत केस क्र. ७४८/१६ में धारा ३०२ के तहत कार्यवाही करके आरोपियों को जेल भेजा। इसमें से हुडकेश्वर थांनान्तर्गत केस अंध प्रकरण की श्रेणी में था जिसमे क्राइम ब्रांच पुलिस ने आरोपियों को शक के आधार पर पूछताछ कर उनसे सच उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की । कलमना थांनान्तर्गत केस क्र. १५८/१६ में क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक हत्याकांड के प्रकरण को उजागर किया व धारा ३०२ और धारा२०१ के तहत कार्यवाही कर आरोपियों को पोलिस स्टेशन के हवाले कर जाँच सौप दी।

    नागपुर में जिस तरह से अपराध को नियंत्रण में आते हम देख रहे है और अपराध को नियंत्रित किया गया है उसका काफी हद तक श्रेय पुर्व कमिश्नर एस पी यादव व तत्कालीन कमिश्नर डॉक्टर के वेंकेटेशम के मार्गदर्शन में रंजन कुमार शर्मा को भी जाता है। रंजन शर्मा दो साल से क्राइम ब्रांच नागपुर में पुलिस उपायुक्त के पद पर कार्यरत है। उनके कार्यभार संभालने के बाद से पुलिस विभागकी कार्यवाही में तेजी आई हैं। उपरोक्त कुछ घटनाये तो सिर्फ उदारहण मात्र है ऐसे ही कई और घटनाओं का पर्दाफाश नागपुर पोलिस ने पिछले कुछ समय में किआ है। रंजन शर्मा ने नागपुर शहर उपायुक्त का चार्ज लेते ही अपराधियो की धरपकड़ शुरू कर दी । साथ ही साथ कुछ ऐसे अपराधी जो शहर की शांति भंग करने के लिए जिम्मेदार थे उनके खिलाफ तड़ीपार और मोका की कार्यवाही कर उन्हें शहर से बहार कर दिया जिससे की शहर में आपराधिक गतिविधीया कम होते हुए नजर आ रही है। शर्मा ने कुछ ऐसे कदम उठाये जिससे की शहर की शांति में कोई खलल न पड़े। और शहर सुकून की साँस ले सके।रंजन शर्मा के कार्यकाल में अपराधियों की सांस फूली हुई नजर आ रही है। किसी भी गतिविधि पर श्री शर्मा का तुरंत एक्शन अपराधियो के लिए गले की हड्डी बने हुए है।

    शहर की सुरक्षा में मुश्तैद क्राइम ब्रांच डीसीपी रंजन शर्मा के मार्गदर्शन में उनकी पूरी टीम लगी हुई है। जिसमे Acp निलेश राऊत , वरिष्ठ पुलिस इन्स्पेक्टर रविन्द्र पाटिल , पुलिस इन्स्पेक्टर खटके , पुलिस इन्स्पेक्टर ढोले , पुलिस इन्स्पेक्टर ताथोड , पुलिस इन्स्पेक्टर खोब्रागडे , पुलिस इन्स्पेक्टर गायकवाड़, पुलिस इन्स्पेक्टर कातकाडे , पुलिस इन्स्पेक्टर बाजीराव पवार , पुलिस इन्स्पेक्टर वैभव जाधव, ,असिस्टंट पुलिस इन्स्पेक्टर (API) गोकुळ सूर्यवंशी , असिस्टंट पुलिस इन्स्पेक्टर(API ) बेदोलकर, असिस्टंट पुलिस इन्स्पेक्टर (API) अतुलकर , असिस्टंट पुलिस इन्स्पेक्टर सगने , असिस्टंट पुलिस इन्स्पेक्टर लूले ,असिस्टंट पुलिस इन्स्पेक्टर( API) कुंभार , असिस्टंट पुलिस इन्स्पेक्टर(API) चौगले , असिस्टंट पुलिस इन्स्पेक्टर (API) सानप और बाकी क्राईम पुलिस कर्मचारी शामिल है।

    – रविकांत कांबळे


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