Published On : Mon, Feb 1st, 2021

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार

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– करोड़ों की लागत से बनाएं गई कई सड़क एक दो सालो में ही खराब,अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों ने किया करोड़ों का भ्रष्टाचार कई रास्तो के कार्य है प्रलंबित

– हिंगण ग्रामीण क्षेत्र के दुर दराज वाले छोटे बड़े गांवो को शहर की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई थी। हिंगणा विधानसभा में विधायक समीर मेघे ने कथित प्रयास कर इस योजना के तहत करोडो रूपए की निधी से सड़कों का निर्माण कार्य किया। जिसमे जंगल के बीच बसे डेगमा (पिंजारी) गांव को कान्होलिबारा शहर से जोड़ने का काम किया।

बता दें कि इस मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य अच्छी तरह से हो इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग को सौंपी गई है। लेकिन इस विभाग के अंतर्गत जिस मार्ग का भी निर्माण कार्य किया गया है। वह सभी रास्ते बनने के एक से दो साल में ही पूरी तरह खराब हो गए हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हिंगना तहसील में नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत वर्ष 2018-2019 में हिंगना तहसील की करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई कुल 5 सड़कों के हालात दयनीय स्थिति में है। जो कि जानलेवा साबित हो रहे हैं। वहीं वर्ष 2019-2020 में होने वाले करोड़ों रुपए के 10 सड़क निर्माण कार्य प्रलंबित है। जिसके चलते इस सड़क निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।

करोड़ों के 5 रास्ते हुए खराब
हिंगना तहसील में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत वर्ष 2018-2019 में यह सड़क करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई थी। जिसमे वडगांव (गुजर) पोचमार्ग, डोगरगांव हाईवे से वकेश्वर- वारंगा- गोसावी नगर टोली रास्ता, तरसी पोचमार्ग, डोंगरगांव- कन्होल- दाताला- सुकली मार्ग की लागत 4 करोड़ 64 लाख और प्रजिमा- 12 सिमाखैरी- गीदमगड़ सड़क का समावेश है। यह पाचों सड़क बनते ही एक- दो साल में पूरी तरह खराब हो गई है। इन पाचो रास्तों के निर्माण कार्य में करीब 20 करोड़ रूपए की निधी खर्च की गई है। जो कि बनी सड़क किसी काम की नहीं रही है। इस निर्माण कार्य में करोड़ों रुपए का भाष्टाचार किए जाने का आरोप स्थानिक नागरिकों द्वारा लगाया जा रहा है।

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यह 10 रास्ते है निर्माण के इंतजार में
हिंगना तहसील में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2019-2020 में मंजूर यह 10 सड़क करोड़ों रुपए निधी से बनन थी। लेकीन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। जिसमे खापा (निपानी) से येरणगांव रास्ता लागत 2 करोड़ 32 लाख रूपए, आगरगांव (टांडा) से वलनी मार्ग, खापरी (गांधी)- शिवटेकडी से कान्होलीबार मार्ग जिसकी लागत 2 करोड़ 82 लाख रूपए है। डेगमा (पिंजारी) से कान्होलिबारा मार्ग, कान्होली से धानोली मार्ग की लागत 1 करोड़ 50 लाख रुपए है। जुनेवानी से खैरी रास्ता जिसकी लागत 1 करोड़ 56 लाख रुपए है। रायपुर गांव से आउटर रिंग रोड मार्ग की लागत 1 करोड़ 9 लाख रुपए है। मेटाउमरी से किन्हीं (धानोली) मार्ग जिसकी लागत 2 करोड़ 5 लाख रुपए है।

सांवगी (भांसोली) से रीठी मार्ग की लागत 1 करोड़ 81 लाख रूपए और वलनी से उमरी मार्ग की लागत 1 करोड़ रुपए होकर इन सभी रास्तों के निर्माण कार्य शुरू नहीं किए गए हैं। किसके वजह से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तत्काल इन सभी रास्तों के निर्माण कार्य शुरू करने की मांग स्थानिक ग्रामवासियों ने कि है।

स्थानीय विधायक समीर मेघे ने कहा कि आगामी सत्र में गुजेगा यह मामला
महाराष्ट्र में जब भाजपा सरकार थीं तब हिंगना विधानसभा में अरबों रुपए की निधी से विकास कार्य विविध योजना से मंजूर कर पुरे किए गए हैं। कुछ काम शुरू नहीं हो पाए उस निर्माण कार्य को नहीं किया जा रहा है। हिंगना विधानसभा में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाईं गई सड़कों की हालत बद से बत्तर है। ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्य के दौरान करोडो का भाष्टाचर किए जाने की वजह से सड़क निष्कृष्ट दर्ज की बनाईं गई है। यह सभी मामले आगामी सत्र में विधान भवन में गुजेंगे।

ग्राम पंचायत वडगांव (गुजर) के सरपंच अक्षय लोंडे ने कहा कि निर्माण कार्य में हुआ है भाष्टाचार
वडगांव में जो मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत रोड़ बनाएं गए हैं उसमे बड़े पैमाने पर ठेकेदार ने अधिकारियो की मदत से भाष्टाचार किया है। इसलिए सड़क बनने के एक साल में ही पूरी तरह उखड गई हैै। इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

भारी वाहनों से हुए है रास्ते खराब

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
विभाग नागपुर के कार्यकारी अभियंता नीता ठाकरे ने बताई कि डोगरगांव वाला रास्ता मुरूम के ट्रक चलन से गड्डे गिर गए हैं। वडगांव रास्ते पर कार्पेट ही उखड़ा है। तरसी रास्ते पर टोल बचाने के लिए ट्रक चल रहे हैं। इसके लिए एफ आई आर भी किया गया है। ज्वाइंट ऑडिट कर नोटिस भी दीए गए हैं। जल्द ही प्रालंबित रास्तों के निर्माण कार्य शुरू किए जायेगे।

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