Published On : Tue, Aug 22nd, 2017

खतरे में १० नगरसेवकों की सदस्यता !

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नागपुर:
फरवरी माह में संपन्न हुए मनपा चुनाव में १० ऐसे नगरसेवक आरक्षित सीटों से चुने गए हैं, जिन्होंने आज तक अपना जाति-प्रमाणपत्र मनपा प्रशासन को प्रस्तुत नहीं किया है. ‘कास्ट वैलिडिटी सर्टिफिकेट ‘ नहीं जमा करने के कारण उनकी सदस्यता खतरे में पड़ते दिखाई दे रही है. इन्हें ‘कास्ट वैलिडिटी सर्टिफिकेट’ जमा करवाने के लिए काफी समय दिया गया था. अब २३ अगस्त तक अंतिम अवसर दिया गया है. इस दौरान भी अगर यह प्रमाणपत्र जमा नहीं कराए गए तो ऐसे सदस्यों की सदस्यता खतरे में पड़ सकती है.

ज्ञात हो कि मनपा का फरवरी २०१७ में चुनाव हुआ था, जिसमें १५१ उम्मीदवार चुनकर नगरसेवक बने थे. जिसमें से ८३ नगरसेवक विभिन्न आरक्षित सीटों से चुन कर आए थे. इन नगरसेवकों को चुनकर आने के बाद ६ महीने ( २३ फरवरी से २२ अगस्त तक ) के भीतर जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है. इनमें से ७३ नगरसेवकों ने अपने-अपने जाति – प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर दिया है. शेष १० नगरसेवकों ने समाचार लिखे जाने अर्थात मंगलवार तक प्रमाणपत्र कार्यालय में जमा नहीं कराए हैं.

इसके पूर्व कई चुनावों में बोगस जाति-प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर चुनाव जीत चुके हैं. इसके बाद जांच-पड़ताल में बोगस पाए जाने पर उनकी सदस्यता रद्द की गई.

सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जाति प्रमाणपत्र की जांच की जाती है. जहां जाति जांच के लिए समितियां कार्यरत हैं. इन्हीं समितियों के मार्फत इन १० नगरसेवकों का ‘कास्ट वैलिडिटी सर्टिफिकेट’ अभी तक मनपा प्रशासन को प्राप्त नहीं हुआ है. २३ अगस्त तक अगर इन सभी १० नगरसेवकों का ‘कास्ट वैलिडिटी सर्टिफिकेट’ जमा नहीं हुआ तो मनपा प्रशासन इसकी रिपोर्ट विभागीय आयुक्त कार्यालय को सौंप देगी। विभागीय आयुक्त कार्यालय इस रिपोर्ट पर समीक्षा कर उक्त नगरसेवकों की सदस्यता पर अंतिम निर्णय लेगी।

– राजीव रंजन कुशवाहा

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