Published On : Sat, May 22nd, 2021

कम हो रहा कोरोना का रोना, 5.2 प्रतिशत ही निकले दैनिक पॉजिटिव

नागपुर. सिटी सहित जिले में अब कोरोना का रोना कम होता जा रहा है. हालांकि अब सिटी की अपेक्षा ग्रामीण भागों में दैनिक पॉजिटिव और मरने वालों की संख्या अधिक आ रही है लेकिन पिछले दिनों की अपेक्षा यह संख्या रोज ही कम होती जा रही है. शुक्रवार को जिलेभर में 19,109 संदिग्धों की टेस्टिंग रिपोर्ट आई और उनमें से 1,000 पॉजिटिव निकले. यह कुल टेस्टिंग का 5.2 प्रतिशत है. करीब महीनेभर पहले यह प्रतिशत 30 के पार हुआ करता था. जो नये पॉजिटिव मिले हैं उनमें सिटी के 411 और ग्रामीण भागों के 576 शामिल हैं.

वहीं जिले के बाहर के 13 का समावेश है. इन्हें मिलाकर कुल पॉजिटिव संख्या अब 4.69 लाख के करीब हो गई है जिसमें 3.28 लाख सिटी के और 1.39 लाख ग्रामीण भाग से हैं. शुक्रवार को जहां 1,000 पॉजिटिव मिले हैं वहीं स्वस्थ होकर घर लौटने वालों की संख्या 3,159 है. इन्हें मिलाकर स्वस्थ होने वालों की संख्या 4.43 लाख से ऊपर हो गई है जिसके चलते रिकवरी रेट अब 94.50 प्रतिशत पर पहुंच गया है. इनमें 3.15 लाख के करीब सिटी के और 1.29 लाख के करीब ग्रामीण भागों के हैं. कोरोना की दूसरी लहर ने फर्स्ट वेव से भी भयानक कहर बरपाया है. अब जब संक्रमण की तीव्रता कम हुई है तो स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन राहत महसूस कर रहा है.

Advertisement

8,718 हुईं कुल मौतें शुक्रवार को यहां कुल 33 लोगों की मौत कोरोना से हो गई. इनमें 8 सिटी, 12 ग्रामीण भागों और 13 जिले के बाहर के मरीजों का समावेश है. इन्हें मिलाकर अब तक कोरोना डेथ की संख्या 8,718 हो गई है. सिटी में अब तक 5179 और जिले के ग्रामीण भागों में 2,232 की मौत कोरोना से हुई है. अब भले ही इसकी तीव्रता कम हुई हो लेकिन कहा जा रहा है कि खतरा टला नहीं है. लोगों को सचेत रहने की जरूरत है. डबल मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है. उसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील भी की जा रही है. लापरवाही बरते जाने पर संक्रमण फिर तेजी से अपने पैर पसार सकता है.

Advertisement

अस्पतालों पर दबाव हुआ कम
महीनाभर पहले अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे थे. 17,000 से ऊपर विविध अस्पतालों में लोग भर्ती थे. 70,000 के करीब होम क्वारंटाइन हो कर अपना उपचार करवा रहे थे. ऑक्सीजन की कमी, रेमडेसिविर की कमी और दवाइयों का टोटा चल रहा था. एम्बुलेंस में भटकते हुए लोगों की मौत हो रही थी. श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए नंबर लग रहे थे. ऐसी विकट हालात से अब राहत मिली है.

शुक्रवार को विविध अस्पतालों में 4,799 मरीज भर्ती थे और 12,255 होम क्वारंटाइन. संख्या कम होने से अस्पतालों पर दबाव कम हुआ है और स्टाफ को भी राहत महसूस हो रही है. कड़े लॉकडाउन के चलते ही हालात पर काबू मिला है और अगर नागरिकों ने पूरी सतर्कता बरती तो जल्द ही सिटी को कोरोना से मुक्ति मिल सकती है.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

 

Advertisement
Advertisement
Advertisement