Published On : Fri, Oct 25th, 2019

क्या वजह रही उमेदवारो के जीतने की, और हारनेवाले उमेदवार क्यों रह गए पीछे

Advertisement

नागपुर– नागपुर में विधानसभा चुनाव के नतीजे काफी चौंकानेवाले रहे और जनता ने फिर एक बार सत्तापक्ष को आईना दिखाने का काम करते हुए एक मजबूत विपक्ष को मतदान किया है. नागपुर में मध्य नागपुर, दक्षिण नागपुर और पश्चिम नागपुर में उमेदवारो के बीच मुकाबला काफी तगड़ा और काटे का रहा. मध्य नागपुर में कांग्रेस के बंटी शेलके और भाजपा के विकास कुंभारे के बीच दिनभर कांटे की टक्कर रही और आखिरकार इसमें जीत विकास कुंभारे की हुई. इस मुकाबले में विकास कुंभारे को 75,692 वोट मिले तो वही शेलके को 71,684 वोट मिले.

यहां यह देखना होगा की बंटी शेलके इतने करीबी मुकाबले में क्यों हारे. इसका कारण यह है कि शेलके ने किसी भी बड़े नेता की मदद नहीं ली, जिसके कारण कोई भी बड़ा नेता इनके साथ नहीं रहा. जिसका खामियाजा शेलके को उठाना पड़ा. इसके बाद दूसरा प्रमुख कारण है की मध्य से एआईएमआईएम के उमेदवार ने 8,565 हजार के करीब वोट लेने की वजह से इसका सीधा नुक्सान भी शेलके को ही हुआ. इन दो प्रमुख कारणों के कारण बंटी शेलके को इस करीबी मुकाबले में हार का मुँह देखना पड़ा.

इस बार भाजपा के उमेदवार परिणय फुके इस बार साकोली से चुनाव लड़े और अपने साथ वे जितने भी पश्चिम नागपुर के छत्तीसगढ़ी वोटर थे. उन्हें अपने साथ लेकर गए. पिछली बार उनके वोटर कार्ड भी फुके की ओर से बनाएं गए थे. इसका सीधा नुक्सान भाजपा के विधायक सुधाकर देशमुख को हुआ. पश्चिम नागपुर से विकास ठाकरे जीते और देशमुख की करारी हार हुई. देशमुख के हार के पीछे केवल यही एक कारण नहीं है. पश्चिम नागपुर की जनता में भी इस बार देशमुख को लेकर काफी रोष था. उनकी निष्क्रियता और परिसर में नागरिकों से जनसंपर्क नहीं बनाने के कारण उन्हें हार का मुँह देखना पड़ा. वे अपने कार्यकर्ताओ के भरोसे ही ज्यादा नजर आए और इस बार कार्यकर्त्ता भी उन्हें नहीं उभार सके.

दक्षिण नागपुर से भाजपा के मोहन मते और कांग्रेस के गिरीश पांडव के बीच भिड़ंत थी. इसमें मते को 83,874 वोट मिले तो वही गिरीश पांडव को 79,887 वोट मिले. यह मुकाबला भी काफी करीबी रहा है. यहां मते को जनसंपर्क का लाभ मिला और बड़े नेताओ के सहयोग का मते को सीधा लाभ मिला.

Advertisement

दक्षिण पश्चिम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डॉ. आशीष देशमुख के बीच मुकाबला रहा. इसमें फडणवीस ने 1,09,237 वोट लिए तो वही देशमुख को 59,893 वोट मिले. यहां पर कई वर्षो से फडणवीस जीत रहे है. इस बार भी वे ही जीते. फडणवीस के लिए उनके कार्यकर्ताओ और उनके नेताओ ने काफी मेहनत की और इसका सीधा लाभ फडणवीस को मिला.

पूर्व नागपुर से भाजपा के कृष्णा खोपड़े फिर एक बार विजयी हुए है. उन्होंने यहां से कांग्रेस के उमेदवार पुरुषोत्तम हजारे को हराया है. खोपड़े को 1,03,992 वोट और पुरुषोत्तम हजारे को 79,975 वोट मिले है. कांग्रेस को यहां तगड़ी हार मिली है. यहां पर कृष्णा खोपड़े का किया गया कार्य और क्षेत्र के विकास ने एक बार फिर खोपड़े को विजयी बनाया.

उत्तर नागपुर से पिछली बार जीत से चुके कांग्रेस के डॉ. नितिन राऊत इस बार विजयी हुए है. राऊत ने भाजपा के डॉ. मिलिंद माने और बसपा के सुरेश साखरे को हराया है. पिछली बार कांग्रेस से नाराज चल रही जनता ने माने को विजयी बनाया था और बसपा को भी पिछले बार के विधानसभा चुनाव में भारी लाभ मिला था. लेकिन इस बार जनता ने बसपा और भाजपा को नकार दिया है.

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.