Published On : Tue, Oct 18th, 2016

पूर्व नागपुर पुनर्रचना को लेकर कलेक्टर, मनपा आयुक्त से शिकायत

Anil Pande

नागपुर: पुनर्रचना में प्रभाग क्रमांक 4 से पूर्व नागपुर का एक बड़ा हिस्सा जोड दिया गया है. क्षेत्रफल आधार पर देखें तो प्रभाग 4 में 80 फीसदी हिस्सा उत्तर नागपुर के प्रभाग का है, जबकि पूर्व नागपुर का 20 फीसदी हिस्सा संबंधित प्रभाग से जुड गया है. पूर्व नागपुर के संबंधित हिस्से को उत्तर नागपुर के प्रभाग से जोडने पर राजीव गांधी विचार मोर्चा ने आपत्ति दर्ज कराई है. इस संदर्भ में मोर्चा की तरफ से जिलाधिकारी सचिन कुर्वे तथा मनपा आयुक्त श्रावण हर्डीकर को ज्ञापन सौंपा गया.

आपत्ति में मोर्चा के अध्यक्ष अनिल पांडे ने दलील दी है कि पूर्व नागपुर के बाहरी इलाका पहले ही नागपुर सुधार प्रन्यास के दायरे में आने से काफी दयनीय अवस्था में है. इस इलाके के 20 फीसदी हिस्से को उत्तर से जोडने पर यहां के नागरिकों को उत्तर नागपुर में शिकायत दर्ज कराने जाना पडेगा. वहीं पूर्व नागपुर के निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं का उत्तर नागपुर के मनपा क्षेत्र से जोड़ा जाना न्यायोचित नहीं होगा. यहां के नागरिकों की शिकायत का निपटारा होने में तकलीफें होंगी. नागरिकों में भी भ्रम होगा. इसलिए पूर्व के हिस्से को सीमा पर बने प्रभाग 24 के हिस्से से जोड़ा जाए. अगर आज प्रभाग के सीमांकन की खामी को दूर नहीं किया गया तो पांच साल तक यहां के नागरिकों को परेशानी झेलनी पडेगी. परिसर विकास के मामले में पिछड जाएगा.

उल्लेखनीय है कि सत्तापक्ष के कई पार्षदों को प्रभाग रचना को लेकर आपत्ति हैं. जल्द ही वे इस संदर्भ में लिखित शिकायत कर सकते हैं.

उल्लेखनीय यह है कि पूर्व नागपुर के नासुप्र दायरे में आने वाले अविकसित लेआउट की संख्या अनगिनत है,इन क्षेत्रों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद कोई भी वर्त्तमान सांसद या विधायक नहीं आया.बरसात के दिनों में इस क्षेत्र में आवाजाही के मार्ग दीखते ही नहीं है, वही दूसरी ओर पूर्व नागपुर में पॉश इलाको के मजबूत सह अच्छे-खासे सडको को खोदकर सीमेंट के सडको में तब्दील किये जा रहे है. इस क्षेत्र के नगरसेवक अपने अधिनस्त विकास निधि इन अविकसित लेआउट में नहीं खर्च कर सकता है. जबकि विधायक निधि का उपयोग किया जा सकता है. लेकिन उक्त अविकसित इलाको के नगरसेवक काँग्रेस के होने के कारण भाजपा विधायक व सांसद अधिनस्त निधि देने में आनाकानी कर रहे है.