Published On : Fri, Jul 23rd, 2021
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

Video: ख़ाली प्लॉट पर प्रवेश पाने वाले पालकों के घर जाँच करने पहुँची कमेटी

नागपुर : मुफ़्त शिक्षा के अधिकार में प्रवेश पाने के लिए पालकों द्वारा अनेक हथकंडे अपनाकर लॉटरी में कामयाबी हासिल कर ली लेकिन जब वास्तव परिस्थिति सामने आती है तो नज़ारा कुछ और था

आर टि ई एक्शन कमिटी के चेयरमैन मो शाहिद शरीफ़ ने पालकों की शिकायत मिलने पर और RTE act 2009नियम में निवास स्थान इस की दूरी 1-3 किलोमीटर स्कूल से हो तो इसी के तहत स्थिति का जायज़ा लेने के लिए समिति के सामने जाँच का प्रस्ताव रखा था।

वेरीफिकेशन कमेटी के अध्यक्ष मदन बोरकर उप शिक्षण अधिकारी तथा जोशतना हरडे द्वारा पाठक और समिति को निरीक्षण करने का पत्र तैयार किया और जाँच पथक तथा वेरीफिकेशन कमिटी ने सभी पालकों का फिजिकल वेरिफ़िकेशन किया और पाई गई अनियमिताओं की जानकारी का आह्वावाल संबंधित अधिकारी को सौंपा गया । आर टी ई एक्शन कमिटी के चेयरमैन मोहम्मद शाहिद शरीफ़ तथा यू आर सी -२ के रिसोर्स पर्सन कंचन वानखेड़े, शुभांगी फुटाने, बंडु कुबड़े ,नानेशवर लांडे,ज्योति अंबादे ,आरती वासाढ़े और सचिन कल पाण्डेय ,दीपाली इंग्ले,मोनु चोपड़े पालक प्रतिनिधि उपस्थित थे ।मामला निम्नलिखित पालकों के विषय में था

(१)प्लॉट क्रमांक 553 सेक्टर क्रमांक ३५ आवेदन क्रमांक १८६२९ के पालक का घर टीन का टॉपर था और दस्तावेज़ मात्र बिजली का बिल
(२)प्लॉट क्रमांक 104 सेक्टर ३४ पर मात्र बिल्डिंग खड़ी है और इसने भी बिजली के बिल पर लॉटरी प्राप्त की आवेदन क्रमांक ०१३३८८७
(३)क्रमांक 247 और सेक्टर क्रमांक ३४ पर अनियमित दस्तावेज़ और आवेदन क्रमांक०२०३५४
(४) दिए गए पते पर उपस्थित नहीं है पालक आवेदन क्रमांक ०२८३४४

प्रकरण चीज़ भवन स्थित भवनस स्कूल में दाख़िला लेने के लिए ख़ाली प्लॉट के बिजली का बिल और पानी का बिल लगाकर पालकों ने लॉटरी हासिल की और यथावत ही स्थिति में यह पालक सोने गाँव में रहते हैं और इन के पास सार्वजनिक जीवन व्यतीत करने वाले एक भी दस्तावेज़ नहीं है और ऐसी परिस्थिति में पालकों को प्राप्त हुई लॉटरी को स्थगित कि जाएगा कमेटी के माध्यम से निर्णय लेकर।

झूठे दस्तावेज़ देने वालों के विरुद्ध आपराधिक मामला भी दर्ज होगा दस्तावेजों की पुष्टि करने के बाद। तिथि २ अगस्त तक बढ़ा दी गई है प्रवेश लेने की ।कैटेगरी में बदलाव किया जा सकता है जिनके आवेदन में गलती से S/C की जगा OBC और OBC की जगा SC तथा अन्य जाति का उल्लेख किया गया है ।