Published On : Fri, Jul 27th, 2018

सीजीएम व पीटीसी की मिलीभगत से बेरोकटोक कोयला घोटाला

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चंद्रपुर/यवतमाल/नागपुर: वेस्टर्न कोल फ़ील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एक तरफ आंकड़ों की कलाबाजी कर खुद की वाहवाही कर रहे हैं तो दूसरी ओर वेकोलि खदानों में कोयला घोटाला सर चढ़ के बोल रहा है. हाल ही में इंटक नेता आबिद हुसैन जाहिद हुसैन ने वेकोलि मुख्य सतर्कता अधिकारी को खुलेआम कोयला चोरी के सबूत पेश कर वेकोलि के वणी नार्थ के मुख्य महाप्रबन्धक को निलंबित और दोषी ट्रांसपोर्टर को ब्लैकलिस्ट करने की मांग कर हड़कंप मचा दिया था.

प्राप्त जानकारी के अनुसार वेकोलि के वणी नार्थ क्षेत्र अंतर्गत उकनी खदान से नागपुर स्थित रिलायंस पॉवर को २०००० टन कोयला देने के लिए निलामी प्रक्रिया पूर्ण की गई. जिसका डीओ क्रमांक WXD194605.SP-01371 है. टेंडर शर्तों के अनुसार रिलायंस पॉवर को खदान से कोयला निकाल कर ‘सीएचपी’ में छोटा कर देना था. निविदा शर्तों के अनुसार १०० एमएम का कोयला वेकोलि को रिलायंस पॉवर को पूर्ति करना था. लेकिन उक्त मुख्य महाप्रबंधक और वेकोलि के अधिकृत ट्रांसपोर्टर कंपनी की मिलीभगत से वेकोलि की कोयला स्टॉक से बड़े-बड़े कोयला सीधा बिना बारीक़ किए रिलाएंस पॉवर को थमाया गया.इसके लिए महाप्रबंधक ने रिलायंस पॉवर से उगाही तो की ही ट्रांसपोर्टर मेसर्स पंजाब ट्रांसपोर्ट कंपनी ने रिलाएंस पॉवर से अलग से ८०० रुपए प्रति ट्रिप लोडिंग वसूली. जबकि वेकोलि स्टॉक से ‘सीएचपी’ तक कोयला लेन के लिए पंजाब ट्रांसपोर्ट कंपनी को ठेका दिया गया था. जिसके लिए मासिक लाखों में वेकोलि प्रबंधन भुगतान करती है.

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वेकोलि के बड़े आकार के कोयले की कीमत छोटे-आकार के कोयले के टुकड़े से १०००-१२०० रुपए प्रति टन अधिक होती है.

उक्त मामले को लेकर इंटक नेता ने मुख्य सतर्कता अधिकारी को जानकारी सह वीडियो देकर पंजाब ट्रांसपोर्ट कंपनी की ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही साथ मुख्य महाप्रबन्धक को निलंबित करने की मांग की है.

विडम्बना यह है कि कुछ दिन पूर्व वेकोलि सीएमडी खुद की पीठ थपथपाये नहीं थके. अब जबकि घोटाले का आरोप लग चुका है तो इसकी निष्पक्ष जाँच कार्रवाई जाएंगी या नहीं बड़ा सवाल है.

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