Published On : Thu, Apr 21st, 2022
By Nagpur Today Nagpur News

कोल् इंडिया से अलग होगी सीएमपीडीआई-एमइसीएल

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– कोयला मंत्रालय के निदेशक को भेजे गए प्रस्ताव पर मंत्री ने दी अपनी मंजूरी,कंपनी का मुख्यालय रांची में है। वहीं क्षेत्रीय कार्यालय धनबाद, आसनसोल, रामगढ़, भुनेश्वर, बिलासपुर, नागपुर सहित अन्य राज्यों में है।

नागपुर – कोल इंडिया से जल्‍द ही सीएमपीडीआई एल अलग होगी। कोयला मंत्रालय ने एमईसीएल के साथ कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी इकाई सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इन्स्टीच्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआइएल) की एकीकरण को लेकर अपनी ओर से मंजूरी दे दी है।
एकीकरण को लेकर मिनिस्‍ट्री ऑफ माइंस की ओर से मांगे गए प्रस्‍ताव पर बीते 18 अप्रैल को सीएमपीडीआइएल के प्रभारी सीएमडी मनोज कुमार ने कोयला मंत्रालय के सह सचिव को गोपनीय पत्र लिखकर जानकारी दी है कि आज कल में प्रस्‍ताव तैयार करते हुए सारी जानकारियां उपलब्‍ध करा दी जाएंगी, ताकि कैबिनेट नोट तैयार किया जा सके।

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मालूम हो कि एमईसीएल के साथ एकीकरण को लेकर मिनिस्‍ट्री ऑफ माइंस के तकनीकी निदेशक प्रदीप सिंह ने बीते 13 अप्रैल को सीएमपीडीआई एल को पत्र लिखकर प्रस्ताव मांगा था। इसमें बताया था कि कोयला मंत्री ने एमईसीएल के साथ कंपनी के एकीकरण पर अपनी सहमति जता दी है। एमईसीएल के साथ एकीकरण के बाद सीएमपीडीआई एल कोल इंडिया से अलग हो जाएगी। मालूम हो कि सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट में मौजूदा समय में 2985 श्रमिक से लेकर अधिकारी कार्यरत हैं। कंपनी का मुख्यालय रांची में है। वहीं क्षेत्रीय कार्यालय धनबाद, आसनसोल, रामगढ़, भुवनेश्वर, बिलासपुर, नागपुर सहित अन्य राज्यों में है।

कोल इंडिया के प्लानिंग विभाग के अधीन होता है सारा काम: मालूम हो कि मौजूदा समय में कोल इंडिया की माइनिंग प्लानिंग से लेकर सारी गतिविधियों में सीएमपीडीआई एल की सीधी भागीदारी रहती है। इसके अलग होने के बाद सुरक्षित कोयला खनन की प्लानिंग को लेकर कोल इंडिया को भी कई तरह की परेशानी होगी।

1973 में सीएमपीडीआई का हुआ था गठन: मालूम हो कि वर्ष 1973 के दिसंबर माह में भारत सरकार ने सीएमपीडीआई की रचना से संबंधित प्रस्ताव को इसके क्रिया-कलापों की सीमा को राष्ट्रीयकृत कोयला उद्योग तक ही सीमित रखते हुए स्वीकृत किया, क्योंकि उस समय वैज्ञानिक खनन की जरूरत कोयला खनन के क्षेत्र में सर्वाधिक थी। राष्ट्रीयकरण के बाद प्लानिंग तरीके से कोयला खनन किया जाए, इसकी उपयोगिता को देखते हुए इसका गठन किया गया था। यहां माइनिंग एक्सपर्ट की टीम काम करती है।

परामर्श रिपोर्ट तैयार करती है सीएमपीडीआई: मालूम हो कि सीएमपीडीआई कोयला खनन में मुख्य रूप से कोल इंडिया को सहयोग करती है। इसका व्यावसायिक कार्य खनिज, गवेषण, खनन, अवसंरचनात्मक, इंजीनियरिंग, पर्यावरण प्रबंधन तथा प्रबंधन सिस्टम, विशेष रूप से कोयला उद्योग के अंदर एवं बाहर तथा देश के खनिज, खनन, एवं संवर्गी सेक्टरों के प्रबंधन प्रणाली के लिए परामर्श प्लान रिपोर्ट तैयार करना है।

बताया जाता है कि कोयला के भंडारों, कोयला खनन की संभाव्यता तथा परिचालन आदि में इसकी महत्वपूर्ण भागीदारी है। कोयला खनन उद्योग के अनुसंधान तथा विकास संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार कार्य करने के लिए सीएमपीडीआई प्लान रिपोर्ट तैयार करती है।

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