Published On : Thu, Feb 7th, 2019

18 से कम उम्र के बच्चों को फिल्म फेस्टिवल में प्रवेश नहीं

तीसरी ऑरेंज सिटी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ७ से १० तक नगर में

नागपुर: फिल्म फेस्टिवल्स में उत्कृष्ट कला,फिल्में अप्रदर्शित व बिना सेंसर के फिल्में ही शामिल की जाती हैं.इसलिए उक्त फेस्टिवल के आयोजकों ने १८ वर्ष से कम उम्र के बच्चों को फिल्म फेस्टिवल के तहत प्रदर्शित फिल्में देखने पर पाबंदी लगाई हैं.

शहर में लगातार तीसरा वर्ष ऑरेंज सिटी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन मनपा,सप्तक,विदर्भ साहित्य संघ,पुणे फिल्म फाउंडेशन,नागपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा.

इस महोत्सव में उत्कृष्ट कला से लबरेज फिल्में अप्रदर्शित व बिना सेंसर के १६३४ फिल्मों में से चयनित ३१ बड़े और २५ छोटे फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।जिसमें ४ मराठी और एक हिंदी फिल्म दिखाई जाएंगी।

फिल्म महोत्सव का उद्धघाटन ७ फरवरी की शाम ५ बजे कविकुलगुरु कालिदास ऑडोटोरियम,परसिस्टेंट सिस्टम लिमिटेड,आईटी पार्क,गायत्री नगर में नागपुर जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले करेंगे। इस अवसर कर विशेष रूप से मनपायुक्त अभिजीत बांगर,नागपुर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉक्टर सिद्धार्थविनायक काणे,ऑरेंज सिटी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के निदेशक डॉक्टर जब्बार पटेल व ओसीआईएफएफ के संगठन सचिव डॉक्टर चंद्रशेखर मेश्राम विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और १० फरवरी की शाम समापन डॉक्टर विकास आमटे की उपस्थिति में संपन्न होंगा।इस दौरान भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रख्यात फिल्म निर्माता जहनु बरुआ ( जिनकी १५ में से १२ फिल्मों को राष्टीय पुरस्कार मिला ) और प्रख्यात निदेशक राजदत्त को सम्मानित किया जाएगा।

इस अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सामानांतर सिनेमा,कला फिल्में,फिल्म निर्माण के बाद बहुतेक फिल्में जो प्रदर्शित नहीं होती ऐसी फिल्मों को सांस्कृतिक आंदोलन के रूप दिखाई व देखी जाती हैं.अर्थात फिल्म निर्माण के बाद बिना कटी-छंटी असली फिल्में देखने का अवसर मिलता हैं.सम्पूर्ण फिल्म महोत्सव के दौरान ऑरेंज सिटी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के निदेशक डॉक्टर जब्बार पटेल उपस्थित रहने के बाद कुछ फिल्मों के निर्देशकों से फिल्म के विषयों पर चर्चा भी करेंगे।