Published On : Fri, Apr 20th, 2018

चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

Advertisement

नई दिल्ली. कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाना चाहते हैं।

इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेताओं ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की और प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया।

Gold Rate
July 20 ,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 42,400 /-
Gold 22 KT ₹ 1,32,100 /-
Silver/Kg ₹ 2,20,400/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

इस नोटिस पर सात दलों के 60 सांसदों ने दस्तखत किए हैं।

अगर यह नोटिस मंजूर होता है और विपक्ष प्रस्ताव लाने में कामयाब हो जाता है तो देश के इतिहास में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ विधायिका की तरफ से यह ऐसा पहला कदम होगा।

Advertisement

उधर, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर खुलकर हो रही नेताओं की बयानबाजी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

7 दलों का साथ, तृणमूल और द्रमुक ने कांग्रेस से किया किनारा

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, महाभियोग प्रस्ताव लाना चाह रहे विपक्षी दलों में कांग्रेस के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और मुस्लिम लीग शामिल है।
– इससे पहले, इन सभी दलों ने संसद भवन में बैठक कर महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा की।
– हालांकि, महाभियोग प्रस्ताव के पक्षधर विपक्षी दलों में पहले तृणमूल कांग्रेस और द्रमक भी शामिल थी। लेकिन बाद में इन दोनों दलों ने कांग्रेस से किनारा कर लिया।

50 सांसदों का समर्थन होने पर लाया जा सकता है महाभियोग प्रस्ताव

– हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी भी जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए राज्यसभा के कम से कम 50 और लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।
– अगर राज्यसभा के सभापति को यह प्रस्ताव सौंप दिया जाता है तो वे फिर वे उसके गुणदोष पर विचार करते हैं।
– अगर सभापति को यह लगता है कि प्रस्ताव लाने जैसा है तो वे एक कमेटी बनाते हैं, जो इस पर अागे विचार करती है। अन्यथा वे इसे खारिज भी कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- महाभियोग पर बयानबाजी दुर्भाग्यपूर्ण

– सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने शुक्रवार को एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि महाभियोग के बारे में सार्वजनिक रूप से दिए जा रहे बयानों से शीर्ष अदालत व्यथित है। सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक रूप से हो रही चर्चा को काफी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
– सुप्रीम कोर्ट ने एटॉर्नी जनरल केके वेणुगाेपाल से इस बारे में अदालत की मदद करने को कहा। कोर्ट ने पूछा कि क्या महाभियोग पर बयानबाजी को रोका जा सकता है? कोर्ट ने कहा कि एटॉर्नी जनरल की सलाह के बाद ही मीडिया पर बंदिशें लगाने के बारे में सोचा जाएगा।

– दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के सामने एक याचिकाकर्ता ने यह मुद्दा उठाया कि जजों के महाभियोग के बारे में नेता खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं।

Advertisement
बाइक से गिराकर किया वार, एक गिरफ्तार दो अन्य की तलाश #vidarbhanews #nagpur #nagpurnews #crimenews

बाइक से गिराकर किया वार, एक गिरफ्तार दो अन्य की तलाश #vidarbhanews...

प्रॉपर्टी विवाद में दामाद की पीट-पीटकर हत्या, ससुराल पक्ष के दो आरोपी गिरफ्तार

प्रॉपर्टी विवाद में दामाद की पीट-पीटकर हत्या, ससुराल पक्ष के दो आरोपी...

वणी में सोनम वांगचुक समर्थन में सर्वदलीय प्रदर्शन #vidarbhanews #wani #news #vidarbha #nagpurnews

वणी में सोनम वांगचुक समर्थन में सर्वदलीय प्रदर्शन #vidarbhanews #wani #news #vidarbha...

नीट पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन #vidarbhanews #nagpur #vidarbha #nagpurnews #nagpurtoday #news

नीट पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन #vidarbhanews #nagpur #vidarbha #nagpurnews #nagpurtoday...

वडेट्टीवार ने सदाभाऊ खोत पर बोला तीखा हमला #maharashtranews #mumbai #newsupdate #maharashtra

वडेट्टीवार ने सदाभाऊ खोत पर बोला तीखा हमला #maharashtranews #mumbai #newsupdate #maharashtra

संजय राउत ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए #maharashtranews #delhi  #vidarbhanews #nagpurnews #nagpur

संजय राउत ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए #maharashtranews #delhi #vidarbhanews #nagpurnews...

GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges