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    Published On : Tue, Feb 28th, 2017

    नागपुर की महापौर का निर्वाचन 5 को, पदग्रहण भी उसी रोज

    • निर्विरोध निर्वाचन के लिए भाजपा का प्रयास
    • दौड़ में मोहोड़, जिचकर, टांक

    NMC Nagpur
    नागपुर :
    नागपुर मनपा चुनाव के तहत मतदान २१ और मतगणना २३ फरवरी २०१७ को संपन्न हुए। जिसमें भाजपा के एक-तिहाई ( १५१ में से १०९ ) उम्मीदवार चुनकर आये, जिन्हें अब नगरसेवक के रूप में जाना जायेगा। भाजपा अब महापौर का निर्विरोध चयन करने की प्रक्रिया में लगी है। 5 मार्च को महापौर का निर्वाचन एवं उसी रोज पदग्रहण भी कराया जाएगा। इस बार सर्व-साधारण महिला नगरसेविकाओ में से महापौर का चयन किया जायेगा। जिसका चयन भाजपा के नेता द्वय देवेंद्र फडणवीस व नितिन गड़करी ने कर लिया है। वैसे महापौर का कार्यकाल ढाई-ढाई साल का तय है। इस हिसाब से दोनों के कोटे से १-१ महापौर उनके मनपसंद का बनाया जायेगा। इस पद के लिए विशाखा मोहोड़, चेतना टांक, नंदा जिचकर दौड़ में सबसे आगे हैं। मोहोड़ ओबीसी प्रभावी चेहरा है तो चेतना टांक काफी अर्से से महत्वपूर्ण पद के लिए कतारबद्ध हैं। वहीं जिचकर भाजपा महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख हैं। मोहोड़ और जिचकर मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ उनके काफी करीबी हैं तो दूसरी ओर टांक भाजपा नेता गड़करी के खेमे की हैं। मनपा में अनुभवी के नाम पर टांक का चयन हो तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। वह तीसरी बार नगरसेविका बनी हैं।

    मनपा में सत्तापक्ष नेता सम्पूर्ण कार्यकाल के लिए तत्काल भाजपा की ओर से किसी एक नगरसेवक को सौंपा जायेगा। इस पद के लिए संदीप जोशी और प्रवीण दटके पर भाजपा जिम्मेदारी सौंप सकती है, अगर उक्त दोनों युवा अनुभवी नगरसेवकों के लिए पार्टी नेताओं ने कुछ और सोच रखा होगा तो फिर भाजपा के दोनों दिग्गज नेता एकमत से दयाशंकर तिवारी को ही पद पर कायम रख सकते हैं।

    तय रणनीति के अनुसार उपमहापौर के लिए डेढ़-डेढ़ या फिर एक-एक साल का कार्यकाल नियोजित किया गया है। इस हिसाब से डेढ़-डेढ़ वर्ष का कार्यकाल रहा तो ३ और एक-एक वर्ष का कार्यकाल रहा तो ५ उपमहापौर बनाये जायेंगे।

    महापौर के चुनाव के ठीक बाद ७ मार्च को स्थाई समिति अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है, निसंदेह इस कार्यकाल के सभी ५ स्थाई समिति अध्यक्ष भाजपा के ही होंगे। शेष १२ स्थाई समिति सदस्य प्रत्येक वर्ष भाजपा कोटे से बनाये जायेंगे।इस हिसाब से ६० नगरसेवकों को स्थाई समिति में रहने का मौका दिया जायेगा। वैसे स्थाई समिति अध्यक्ष पद शोभा का ही पद रहता है,अध्यक्ष के नाम पर सम्पूर्ण जिम्मेदारी विभाग में तैनात तकनीकी कर्मी प्रफुल्ल फरकासे ही निभाते आये है, पिछले काफी वर्षो से.यहाँ तक की मनपा का वार्षिक बजट भी फारकसे ही तैयार करते हैं। प्रत्येक सभा में किस विषय को तहरीज देना, लाभार्थी से समन्वय, विषय की तकनीकी जानकारी सह समिति सदस्यों को संभालना आदि फरकासे के जिम्मे रहता है। अगर महापौर दक्षिण-पश्चिम से बनाया गया तो स्थाई समिति अध्यक्ष उत्तर, पूर्व या दक्षिण से बनाया जायेगा। उपमहापौर पद पर किसी नए महिला या पुरुष नगरसेवक को आसीन किया जायेगा।

    प्रत्येक वर्ष जोन सभापति का चुनाव किया जाता है, आशीनगर जोन छोड़ कर शेष सभी ९ जोन के सभापति भाजपा से होंगे। इस कार्यकाल में ४५ भाजपा नगरसेवकों को जोन सभापति बनाया जायेगा।

    इसके अलावा स्वास्थ्य, अग्निशमन, शिक्षण, समाज कल्याण समिति की प्रत्येक वर्ष एक भाजपाई या अन्य सहयोगी नगरसेवकों को सभापति बनाएंगी।भाजपा कोटे से इस कार्यकाल में २० नगरसेवकों को उक्त विभाग संबंधी सभापति बनने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही बतौर समिति सदस्य कृषि उत्पन्न बाजार समिति, बतौर सीनेट सदस्य नागपुर विश्वविद्यालय में भाजपा अपने कोटे से एक-एक नगरसेवक की नियुक्ति कर सकती है।

    उल्लेखनीय यह है कि इस कार्यकाल में भाजपा के १०९ नगरसेवक चुन कर आये, इसके अलावा लगभग आधा दर्जन नगरसेवक भाजपा को बिना शर्त समर्थन दे सकते हैं। इस कार्यकाल में महापौर से लेकर सभापति तक कुल १४५ पदों पर उक्त भाजपा नगरसेवकों की नियुक्ति की जा सकती है। इसमें से कई नगरसेवकों को सम्पूर्ण कार्यकाल में २ से ३ पदों पर काम करने का मौका दिया जा सकता है। ऐसे भी भाजपा नगरसेवक होंगे ,जिन्हें भाजपा सिर्फ नगरसेवक पद तक ही सीमित रखे। एक तरफ़ा बहुमत से यह संभावना प्रबल नज़र आ रही है कि प्रत्येक माह आयोजित की जाने वाली आम या विशेष सभा मिनटों में बिना चर्चा के निपटा दिए जाये। क्योंकि विपक्ष के पास ऐसे आंकड़े ही नहीं है कि जिनके दबाव में भाजपा को उक्त सभाएं दबाव में चलाने को मजबूर होना पड़े।

    विपक्ष नेता होंगे प्रफुल या संदीप
    नितिन राऊत गुट के एक कार्यकर्ता के अनुसार विकास ठाकरे के शहर कांग्रेस पद से इस्तीफे देने के बाद प्रभाग ३८ से विजयी कांग्रेस के प्रफुल गुड़धे पाटिल को नया शहराध्यक्ष बनाया जायेगा। अगर ठाकरे की इस्तीफा मंजूर हो गया तो प्रफुल्ल गुड़धे पाटिल को नया शहर अध्यक्ष बनाया जा सख्त है। हालाँकि इसके पूर्व भी गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद ठाकरे ने प्रदेशाध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया था लेकिन उसे मंजूर नहीं किया गया था। अगर प्रफुल गुड़धे पाटिल को कांग्रेस का नया शहराध्यक्ष नियुक्त गया तो मनपा में विपक्ष नेता पद वरिष्ठ कांग्रेसी संदीप सहारे को बनाया जा सकता है। अगर प्रफुल गुड़धे पाटिल को शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनने का मौका नहीं मिला तो मनपा में विपक्ष नेता बनाना तय माना जा रहा है। सहारे व पाटिल दोनों ही अभ्यासू वरिष्ठ कांग्रेसी नगरसेवक हैं। दोनों ही नगरसेवक अपने-अपने चुनावी क्षेत्र के बहार कभी झांकना पसंद नहीं करते है, इसलिए विपक्ष भी इनसे कभी विचलित नहीं होती है। लेकिन समय आने पर कोई भी जिम्मेदारी निभाने से दोनों ही कभी हिचकिचाए नहीं।

    इसके अलावा कांग्रेस के चुने हुए नगरसेवकों में से प्रत्येक वर्ष १-१ सदस्य को स्थाई समिति में सदस्य बनाया जायेगा। इतना ही नहीं विभिन्न विभागों की समितियों में भी प्रत्येक वर्ष किसी न किसी सदस्य को सभी समितियों में बतौर सदस्य रखा जायेगा।


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