
नागपुर – नागपुर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों के बीच मामूली बात को लेकर हिंसक विवाद हो गया। सोते समय एक बंदी के तेज खर्राटे दूसरे बंदी की परेशानी का कारण बन गए। नींद में खलल पड़ने से नाराज साथी कैदी ने जब उसे खर्राटे लेने से रोका, तो वह इस कदर तिलमिला गया कि उसने अपना आपा खो दिया। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और गुस्से में आए बंदी ने साथी कैदी की दाईं आंख पर जोरदार मुक्का जड़ दिया। हमले में कैदी गंभीर रूप से घायल हो गया। जेल के भीतर हुई इस घटना से कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 4 नवंबर की सुबह करीब 4:35 बजे नागपुर सेंट्रल जेल के ‘बड़ी गोल’ विभाग स्थित बैरक नंबर 4 में हुई। यहां विनायकनगर, न्यू म्हालगी नगर निवासी सतीश राजन पैसाडेली (29), बंदी क्रमांक 427/26 और मनीष चैतराम ठाकुर (43), बंदी क्रमांक 4560/26 एक ही बैरक में बंद हैं।
बताया जाता है कि सुबह के समय सतीश गहरी नींद में सो रहा था और उसके तेज खर्राटों से बगल में सो रहे मनीष ठाकुर की नींद में लगातार खलल पड़ रहा था। काफी देर तक परेशानी सहने के बाद मनीष ने सतीश को टोका और शांत रहने के लिए कहा। इसी मामूली बात को लेकर सतीश नाराज हो गया। दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।
गुस्से से बेकाबू हुए सतीश ने मनीष के चेहरे पर हमला कर दिया और उसकी दाईं आंख पर जोरदार घूंसा जड़ दिया। अचानक हुए इस हमले से मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया। बैरक में हुई मारपीट और शोर-शराबे की आवाज सुनकर जेल के सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों को अलग किया और घायल मनीष को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए जेल अस्पताल भेजा।
जेल सिपाही की शिकायत पर मामला दर्ज
घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई। जेल सिपाही सुनील भगवानदास फुल्लुके (50) की शिकायत पर धंतोली पुलिस ने आरोपी बंदी सतीश पैसाडेली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1) तथा कारागृह अधिनियम 1894 की धारा 45 के तहत मामला दर्ज किया है।
सेंट्रल जेल जैसे कड़े सुरक्षा इंतजाम वाले परिसर में महज खर्राटे लेने जैसी मामूली बात पर साथी बंदी पर जानलेवा अंदाज में हमला किए जाने की घटना ने जेल के भीतर कैदियों के बीच आपसी विवाद और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल धंतोली पुलिस मामले की जांच कर रही है।



