Published On : Sat, Oct 7th, 2017

सीमेंटीकरण के कारण घुट रहा है पेड़ों का दम

Advertisement


नागपुर: शहर में कुछ महीनों से सड़क को सीमेंटीकरण करने का कार्य शुरू किया गया है. जिसके लिए कई पेड़ों को काटा भी गया है तो कई जगहों पर पेड़ों की जड़ों पर ही सीमेंटीकरण किया गया है. सीमेंटीकरण करते समय सैकड़ों पेड़ों की जड़ों को नुकसान भी पंहुचा है. बारिश का पानी पेड़ों तक पहुंचने के लिए कुछ जगह पेड़ों के इर्द गिर्द छोड़ने का निर्णय लिया गया था. लेकिन उस नियम को ताक में रखकर शहर में कई ऐसे पेड़ आपको दिख जाएंगे, जहां उनमें पानी डालने के लिए भी जगह नहीं बची है. पानी जड़ों तक नहीं पहुंचने के कारण पेड़ कमजोर होंगे और थोड़ी भी हवा चलने पर इनके गिरने की संभावना बनी रहती है. पर्यावरण और पेड़ों की दृष्टि से नागपुर शहर का देश में काफी नाम है. शहर को ऑरेंज सिटी के साथ ही ग्रीन सिटी के नाम से भी जाना जाता है. लेकिन विकास करने की दौड़ में प्रशासन पेड़ों की ही अनदेखी करता हुआ नजर आ रहा है.

जहां एक ओर से पेड़ों को बचाने के लिए सरकार और प्रशासन विज्ञापन और जागरुकता का सहारा लेती है तो वहीं दूसरी तरफ शहर में पेड़ों के नुकसान पर कोई कुछ भी न तो देख पा रहा है और न तो बोल पा रहा है. शहर में सड़क के सीमेंटीकरण के कारण शहर के पर्यावरण के साथ ही पेड़ो को भी नुकसान पंहुच रहा है. जानकारी के अनुसार चीफ इंजीनियर ने पेवर ब्लॉक लगाने के लिए सर्कुलर निकाला था. लेकिन अब पेड़ों के आस पास पेवर ब्लॉक और उसके बाद उसमे सीमेंटीकरण का सर्कुलर लाया गया. जिसके कारण अब पेड़ों को काफी नुकसान पंहुच रहा है.


इस बारे में ग्रीन विजिल के संस्थापक कौस्तुभ चटर्जी ने बताया कि सीमेंटीकरण करने के बाद पेड़ों को पेवर ब्लॉक करने से कोई मतलब नहीं है. क्योंकि पेड़ों तक पानी ही नहीं पहुंचेगा. उन्होंने बताया कि सभी पेड़ों के चारो तरफ एक मीटर की जगह छोड़नी चाहिए. जिससे की बारिश का पानी पेड़ो तक पहुंचे. भूजल की परत काफी नीचे चले जाने के कारण पेड़ों को पानी देना भी बहुत जरूरी है. पेड़ों के सरंक्षण के साथ ही शहर का विकास होना चाहिए.


Advertisement
Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.