Published On : Tue, Dec 16th, 2014

भद्रावती : कर्नाटक एम्टा कम्पनी पर सीबीआई छापे से हड़कम्प!

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  • कोयले की दलाली में चोर-चोर मौसेरे भाई!
  • हलचलों से मची अधिकारियों में खलबली!
  • गुप्ता कोल वॉशरीज की हवा टाइट!
  • कम्पनियों के अधिकारियों, कर्मियों की पैरों तले जमीन खिसकी

CBI Raid 06
भद्रावती (चंद्रपुर)।
 शहर में कर्नाटका एम्टा कम्पनी पर सीबीआई की छापेमारी की चर्चा से ही अधिकारियों में हड़कम्प मच गया है. खास बात यह है कि कम्पनी द्वारा आज तक किया गया कोयला के कारोबार के कागजात अस्त-व्यस्त पाये जाने से कर्नाटक एम्टा कम्पनी के प्रशासकीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं. कई वर्ष पूर्व जिले में भद्रावती तालुका में कर्नाटक एम्टा कम्पनी अस्तित्व में आयी. यह कम्पनी विशेषत: कर्नाटक सरकार के लिए काम कर रही है, परंतु इस कम्पनी द्वारा महाराष्ट्र सरकार के नियम-कानून को ताक पर रख कार्य करने की शिकायतें की जाती रहीं. इसके विरोध में अनेक शिकायतें दिए जाने के बाद भी राज्य सरकार ने सुध नहीं ली. अब सीबीआई के छापे के बाद काले कारनामों की फेहरिश्त उजागर होने की संभावनाएँ व्यक्त की जा रही हैं.

CBI Raid 04
बता दें कि 2009-12 के कालावधि में कर्नाटक एम्टा कोलमाइन्स कम्पनी से निकाले जाने वाले कोयले को धोकर (कोलवॉश) दर्जेदार बनाने के लिए गुप्ता कोल वॉशरीज लि., द्वारा देउरवाड़ा, माजरी, घुग्घुस में भेजा जाता था. कर्नाटक एम्टा कम्पनी में 100 प्रतिशत कोयला गुप्ता कोल वॉशरीज को देकर वॉश करने के बाद उससे 80 प्रतिशत वापसी का करार किया गया था. उधर गुप्ता कोल वाशरीज द्वारा 80 प्रतिशत कोयला न भेजते हुए सिर्फ 40 प्रतिशत कोयला ही कर्नाटक पॉवर कारपोरेशन लि., बेलारी को भेजा जाता था. कथित तौर पर इसकी जवाबदारी गुप्ता वॉशरीज की थी कि पूरी मात्रा भेजे पर गुप्ता कोल वॉशरीज तथा कर्नाटक एम्टा कोल प्रशासन की मिलीभगत से निष्कृष्ट दर्जे का कोयला भेजा जाता था. वहीं 80 प्रतिशत वॉश किया गया कोयला निजी क्षेत्र में बेच दिया जाता था. उस वक्त गुप्ता कोल वॉशरीज को वॉश करने के लिए भेजे जाने वाला कोयला सिर्फ कर्नाटक एम्टा के खदान का ही था. दूसरा किसी अन्य खदान से कोयला नहीं भेजा जाता था. उसमें से 80 प्रतिशत कोयला गुप्ता कोल वॉशरीज प्रशासन व कर्नाटक एम्टा प्रशासन बाहर बेचकर रुपये पचाने की ख़बरें छन कर आती रहीं, परंतु कर्नाटक एम्टा कम्पनी लिमिटेड, बेलारी को सिर्फ 40 प्रतिशत निकृष्ट दर्जे का कोयला भेजा जाता था. इन कम्पनियों के बोगस कारोबार से राष्ट्रीय सम्पत्ति के नुकसान के मद्देनजर आपत्ति उठाकर शिकायतें दर्ज करायी जाती रहीं.

CBI Raid 02
समझा जा रहा है कि सीबीआई ने इन्हीं शिकायतों के आधार पर 12 दिसम्बर को कर्नाटक एम्टा कम्पनी पर छापामार कार्यवाही की. कर्नाटक एम्टा कम्पनी के पास उपलब्ध दस्तावेज / कागजात सड़ कर खराब हो जाने से अब कर्नाटक एम्टा कम्पनी द्वारा गुप्ता कोल वॉशरीज को कितना कोयला भेजा गया और कितना कोयला गुप्ता कोल वॉशरीज ने कर्नाटका एम्टा, माजरी रेलवे साइडिंग व कर्नाटक एम्टा पॉवर कारपोरेशन लि., बेलारी को भेजा गया इसके सबूत नहीं मिलने से अब कर्नाटक एम्टा प्रशासन सीबीआई की जाँच के दायरे में आ चुका है.

इसमें 2009-12 के एम्टा प्रशासन व गुप्ता कोल प्रशासन के डायरेक्टर पियूष मेरोडिया, ट्राँस्पोर्टिंग इंचार्ज अमित सिंह व कापसे, पवन दुबे, धर्मेन्द्र सिंह व एम्टा के ए.के. गौर, ए.के. लोखंडे, साइडिंग इंचार्ज अशोक महंत, वे-ब्रिज इंचार्ज हरिगोविंद कुशवाहा मामले के मुख्य सूत्रधार बताये जा रहे हैं, लेकिन अब सीबीआई की सघन जाँच के बाद ही सचाई सामने आएगी, तब तक हमें इंतजार करना होगा!
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