मनपा चुनाव में खड़े होने भर से उम्मीदवारों की कमाई ‘डॉलरों’ में हुई

Nagpur: ‘रुपए’ में कमाने वाले कुछ लोगों की कमाई सिर्फ चुनाव में खड़े हो जाने भर से ‘डॉलरों’ में हो गयी है। नागपुर महानगर पालिका के चुनाव में इस समय जितने भी उम्मीदवार खड़े हैं, सभी की आय ‘रुपए’ से बढ़कर ‘डॉलरों’ में हो गयी। खुद उम्मीदवार रातों-रात हुए इस चमत्कार से हैरान हैं। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि इस खबर पर यकीन करें या न करें।

क्या है चमत्कार!

महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है, जहाँ पंचायत चुनाव में उम्मीदवारी की प्रक्रिया भी ऑनलाइन पद्धति से पूर्ण की जा रही है। इस बार के महानगर पालिका एवं जिला परिषद चुनाव की उम्मीदवारी की प्रक्रिया ऑनलाइन पद्धति से अंजाम दी जा रही है। उम्मीदवार को पंजीयन के पश्चात ऑनलाइन प्रतिज्ञा पत्र भी भरकर देना होता है। हालाँकि इस प्रतिज्ञा पत्र को ऑनलाइन भरने के बाद इसका प्रिंटआउट निकालकर नोटरी कराना होता है। लेकिन इस बार ऑनलाइन प्रतिज्ञा पत्र भरने की प्रक्रिया में कुछ ऐसी तकनीकी चूक हो गयी है, जिससे उम्मीदवार की आय का ब्यौरा भारतीय ‘रुपए’ में दर्ज होने की अमेरिकी ‘डॉलर’ में दर्ज हो रहा है।

अचानक ‘अमीरी’ से उम्मीदवार दंग, लेकिन अब तक किसी ने आपत्ति नहीं की

मान लीजिए प्रतिज्ञा पत्र भरते समय उम्मीदवार ने बताया कि उसके पास इस समय नकद दस हजार रुपए है। लेकिन दर्ज होते समय प्रतिज्ञा पत्र में यह रकम दस हजार रुपए की जगह दस हजार डॉलर दर्ज हो गयी है। अब उस उम्मीदवार के प्रतिज्ञा पत्र को देखते समय यही मालूम होगा कि उसके पास दस हजार नहीं लगभग सात लाख रुपए हैं। जबकि असल में उसके पास सिर्फ दस हजार रूपए हैं। नागपुर महानगर पालिका के उम्मीदवारों के प्रतिज्ञा पत्र राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित हैं और प्रत्येक प्रतिज्ञा पत्र में उम्मीदवार की आय का ब्यौरा ‘डॉलरों’ में दर्ज दिखाई दे रहा है।
मजेदार बात यह है कि उम्मीदवारों ने इस प्रतिज्ञा पत्र के प्रिंट आउट निकालकर नोटरी भी कराए और उन्हें स्थानीय चुनाव अधिकारी के पास जमा भी कराए, लेकिन किसी ने भी इस चूक की तरफ ध्यान नहीं दिया। नोटरी करने वाले अधिमान्य वकीलों ने भी नहीं! न ही अब तक किसी उम्मीदवार ने इस चूक पर कोई आधिकारिक आपत्ति ही दर्शायी है।

प्रतिज्ञा पत्र झूठे तो उम्मीदवारी रद्द होने का खतरा

वर्ष 2002 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर प्रत्येक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के लिए प्रतिज्ञा पत्र भरना अनिवार्य किया गया। नियम है कि प्रतिज्ञा पत्र में झूठी जानकारी दी जाएगी तो उम्मीदवार का नामांकन अथवा निर्वाचन रद्द हो जाएगा। अब क्योंकि नागपुर महानगर पालिका का चुनाव लड़ रहे प्रत्येक उम्मीदवार का प्रतिज्ञा पत्र ‘तकनीकी’ चूक’ से झूठा साबित हो रहा है, तो क्या राज्य चुनाव आयोग सभी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराएगा?

कार्रवाई किस पर?

अब सभी की निगाहें इस ओर लगी हैं कि इस विषय में राज्य चुनाव आयोग क्या कदम उठाएगा? वह नागपुर मनपा चुनाव ही रद्द करेगा या फिर तकनीकी भूल को सुधार कर इस ‘वैधानिक’ संकट को चलता करेगा?