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    Published On : Thu, May 25th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    कॉटन मार्केट आगजनी के पीछे लगने कैल्शियम कार्बाइड भी है एक प्रमुख कारण


    नागपुर:
     कॉटन मार्केट में रविवार को भीषण आग लग गई थी. जिसके कारण लगभग ४० फल और सब्जियों की दुकानें जल गई थी. कॉटन मार्केट में लगी इस आग को बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. लेकिन इस आगजनी के कारणों के पीछे विभिन्न तर्क लगाए जा रहे हैं. हालांकि इसमें यह भी कहा जा रहा है कि फलों को पकाने के लिए जो कैल्शियम कार्बाइड उपयोग में लाया जाता है वह भी इस आग को भड़कने में बड़ा कारण माना जा रहा है. आग लगने के कारण भले ही कई हों, लेकिन इस कारण को भी नकारा नहीं जा सकता.

    बता दें आग लगने के दौरान पानी का उपयोग किया जाता है। ऐसे में वहां कैल्शियम कार्बाइड की मौजूदगी बहुत खतरनाक हो जाती है। दरअसल कैल्शियम कार्बोनेट पानी के संपर्क में आते ही एस्टलीन गैस छोड़ता है। यह एसिटलीन गैस ज्वलनशील होती है। कैल्शियम कार्बाइड में आगजनी के दौरान जितना पानी मारा जाए आग एसिटलीन गैस के कारण और फैलने लगती है।

    कॉटन मार्केट की आगजनी के दौरान भी इसी तरह की स्थितियां पैदा होने की बात कही जा रही है।कॉटन मार्केट में जब अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के लिए पानी का प्रयोग किया तो आग बुझने के बजाए और भड़कती हुई दिखाई दी थी.

    कैल्शियम कार्बाइट का उपयोग गैस वेल्डिंग में किया जाता है और दूसरी और इसका अवैध तरीके से उपयोग फलों को पकाने के लिए भी किया जाता है. जिसके कारण यह पदार्थ शरीर के लिए भी जानलेवा है. कैल्शियम कार्बाइड पर कई देशों में पाबंदी है. लेकिन शहर की कई दुकानों में कैल्शियम कार्बाइड आसानी से मिल जाता है. फलों को इस रासायनिक पदार्थ द्वारा पकाने को लेकर अन्न व औषधी विभाग की ओर से कई बार कार्रवाई भी की गई है.

    इस बारे में नागपुर महानगर पालिका के प्रमुख अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र उचके ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉटन मार्केट में जो आग लगी थी. उसका कारण कचरे में फैंकी गई सिगरेट या बीड़ी भी हो सकती है. लेकिन आग लगने के बाद जिस तरह से आग भड़की उससे कैल्शियम कार्बाइड के होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया की पानी के संपर्क में आने से कैल्शियम कार्बाइट एसिटिलीन गैस बनना शुरू हो जाती है और जिसके कारण और भड़कती है. हालांकि उन्होंने यह भी जानकारी दी की रिपोर्ट आने के बावजूद सब साफ हो पाएगा।

    कॉटन मार्केट में लगी आग के बारे में अन्न व औषधि विभाग के सहायक आयुक्त मिलिंद देशपांडे ने बताया कि यह कैल्शियम कारबाइड केवल वेल्डिंग में ही उपयोग में आता है. अन्न विभाग की ओर से कॉटन मार्केट में कई बार छापे मारे गए. लेकिन उन्हें वहां कुछ नहीं मिला था. उन्होंने यह भी बताया की फलों को कैल्शियम कार्बाइड से पकाने के लिए भी यह ज्वलनशील पदार्थ उपयोग में लाया जाता है.

    शासकीय न्यायसहायक विज्ञान संस्था के डॉ.आशीष वाढिये ने जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी जगह पर अगर कैल्शियम कार्बाइट रखा हुआ हो तो वहां केवल इसके द्वारा आग नहीं लगती . लेकिन अगर आगजनी के दौरान कैल्शियम कारबाइड उस आग को बढ़ाने का बड़ा कारण हो सकता है.

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