Published On : Thu, Nov 10th, 2016

रिटेल व्यापारियों को भी उच्च मूल्य के रुपये लेने का अधिकार दिए जाने का कैट का आग्रह

notes
नागपुर :
केंद्र सरकार द्वारा 1000 एवं 500 रुपये के करेंसी नोट को बंद किये जाने से देश भर में बाजार सुनसान पड़े हैं और कारोबारी गतिविधियां बेहद मामूली तौर पर हो रही हैं ! और दिनों के मुकाबले बाजार में ग्राहक भी काफी कम आ रहे हैं व्यापारी जिनमें खास तौर पर रिटेलरों के यहाँ व्यापार बहुत कम हो रहा है ! आम तौर ददुकानों पर अक्सर व्यस्त रहने वाले सेल्समेन भी आराम से दुकानों में बैठे थे ! ग्रामीण क्षेत्रो के रिटेलर जो तालुका और दूर दराज़ के क्षेत्रों में रहते हैं वो अपने आस पास के जिला के बाज़ारों में खरीदी के लिए जाते हैं किन्तु छोटे नोट न होने के कारण से उनको भी अपने स्थानों पर ही रहना पड़ा !एपीएमसी मार्किट एंड मंडियों में भो कोई ख़ास कारोबार नहीं हुआ और जो किसान अपनी पैदावार लेकर मंडियों में आये जरूर लेकिन आढ़तियों के पास छोटे नोट न होने के कारण से किसानों को भी संकट का सामना करना पड़ा ! ट्रांसपोर्ट की आवाजाही भी काफी हद तक प्रभावित हुई क्योंकि ट्रक ड्राइवरों को रास्ते के लिए छोटे नोट नहीं मिले ! बैंकों, एटीएम, पेट्रोल पंप पर लोगों की लंबी पंक्तियाँ देखी गयी !

लेकिन आश्चर्यजनक रूप से जो लोग टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए अपने रोज़मर्रा के खर्चे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, बैंकों की पेमेंट भुगतान एप्लीकेशन के द्वारा मोबाइल से भुगतान कर रहे थे, उन्हें कोई दिक्कत नहीं आयी ! इस संकट के कारण से लोगों को इलेक्ट्रॉनिक भुगतान का महत्व जरूर समझ में आया !

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने सरकार द्वारा 1000 और 500 रुपये के नोट के चलन को बंद करने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा की इससे काले धन पर अंकुश लगेगा किन्तु इसके क्रियानवयन के कारण से देश भर में चलने वाली व्यापारिक गतिविधियों में कोई रूकावट नहीं आनी चाहिए ! इस दृष्टि से कैट ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली से आग्रह किया है की क्योंकि रिटेलर्स ही उपभोक्ता के साथ के कड़ी हैं इसलिए उपभोक्ताओं को सुविधा देने एवं बाजार को चलायमान रखने के लिए रिटेलर को भी 1000 और 500 के नोट ग्राहकों से लेने के लिए अधिकृत किया जाए जिसकी वैद्यता के कागजात रिटेलर्स ग्राहक से लें ! उच्च मूल्य के नोट बंद होने से कॉन्ट्रैक्ट के भुगतान में भी परेशानी आ रही हैं वहीँ कैट ने वित्त मंत्री से यह भी आग्रह किया की बैंकों में बचत खाते और करंट अकाउंट के बीच अंतर रखा जाए ! बैंकों से 10000 रुपये की राशि एक समय में नकद लेने की सीमा को बढ़ाया जाए ! करंट और कॅश क्रेडिट अकाउंट से रुपये निकालने के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं की जाए !

उन्होंने यह भी कहा की जिस तरह से देश में नकली नोटों की भरमार हो रही थी और जिसके कारण से रुपये की कीमत घट रही थी और महंगाई बढ़ रही थी उसको देखते हुए सरकार का कदम सही दिशा में उठाएगा गया महत्वपूर्ण कदम है जिससे सही करेंसी बाजार में चले !