
नागपुर: राज्य की सभी महानगर पालिकाओं और नगर परिषदों में इमारत निर्माण योजना की अनुमति देने के लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है, जिसका परीक्षण आज २ जनवरी से राज्य के तीन शहरों पनवेल, तलेगांव और उमरेड में शुरू हो गया है. इस प्रणाली के तहत नगरपालिकाएं और नगरपरिषद प्रशासन निर्माणाधीन इमारत की योजना को आर्किटेक्ट जाँच और अपलोड करेगा और अभियंता अपलोड की गई योजना और संस्तुति के आधार पर अनुमति प्रमाणपत्र जारी कर देगा. इस प्रणाली के लागू हो जाने पर न ही आर्किटेक्ट और न ही इंजीनियर को निर्माणाधीन स्थल पर जाने की और न ही अनुमति के लिए नागरिकों को महानगर पालिका अथवा नगर परिषद् के चक्कर काटने की जरूरत पड़ेगी.
पहली जनवरी को ‘स्मार्ट सिटी सोलूशंस’ नामक आधुनिक प्रणाली को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने राज्य की जनता के लिए जारी किया. इस अवसर पर केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं राज्यमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गड़करी प्रमुखता से उपस्थित थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि तीन शहरों में किए जा रहे परीक्षण के परिणाम अपेक्षा के अनुकूल हुए तो आगामी १० जनवरी से यह प्रणाली देश के सभी ३७० महानगर पालिकाओं और नगर परिषदों में लागू हो जाएगी.
‘स्मार्ट सिटी प्लान’
इसी कार्यक्रम में नागपुर के लिए विशेष रूप से तैयार स्मार्ट सिटी प्लान को भी मुख्यमंत्री ने जारी किया. इस योजना की तहत नागपुर की हर सार्वजानिक सुविधा को एक सॉफ्टवेयर के जरिए जोड़कर उसका प्रबंधन और संचालन किया जाएगा. इस योजना को कामयाब बनाने के लिए शहर में ७०० जगह ४००० सीसीटीवी लगाए जाएंगे और १३६ वाईफाई जोन बनाए जाएंगे. मुख्यमंत्री के मुताबिक इस साल के आखिर तक नागपुर शहर पूरी तरह स्मार्ट सिटी योजना की तहत संचालित होने लगेगा.
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