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    Published On : Wed, Jul 25th, 2018

    पिछली सरकार में ‘ एसएनडीएल ‘ का विरोध करनेवाली भाजपा सरकार

    नागपुर: सोमवार को ‘नागपुर टुडे’ ने बिजली के बिल पर खबर प्रकाशित की थी. बढे हुए बिजली के बिल नागपुर शहर के केवल एक प्रभाग की समस्या नहीं है. जिन जिन प्रभागों में बिजली वितरण करने वाली कंपनी ‘एसएनडीएल’ है वहां पर नागरिकों द्वारा हजारों रुपए के बिजली के बिल भरे जा रहे है. शहर की यह एक ज्वलंत समस्या है. बावजूद इसके यह सोचनेवाली बात है कि नागपुर में होनेवाले शीतसत्र और अभी हाल भी सम्पन्न हुए मॉनसून सत्र में शहर के किसी भी विधायक ने यह मुद्दा सदन में नहीं उठाया.

    इसे देखकर तो यही लगता है की नागरिकों की इस सबसे बड़ी समस्या से हमारे नेताओ कुछ लेना देना नहीं है. कुछ वर्ष पहले शहर की जनता ने भी देखा था कि जब कांग्रेस की सरकार थी तो भाजपा के विधायकों ने ‘ एसएनडीएल’ के खिलाफ प्रदर्शन किया था. जिसमे राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल थे. लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद से जैसे इस मुद्दे पर सभी नेताओ और विधायकों ने मौन धारण कर लिया है. जिसका खामियाजा लोगों को हजारों रुपए के बिजली बिल के रुपए में देकर भुगतना पड़ रहा है.

    शहर के तीन जगहों की फ्रैंचाइज़ी इस कंपनी को दी गई है. जिसमे महाल, गांधीबाग और सिविल लाइन शामिल है. जिसके लाखों ग्राहक भी है. खासबात यह है कि कंपनी जब से शहर में आयी है. तभी से इस कंपनी को लेकर नागरिकों द्वारा, भाजपा के विधायकों और अन्य संघटनों द्वारा कंपनी के ऑफिस में कई बार उग्र प्रदर्शन भी किया गया है. कुछ वर्ष पहले कंपनी की जांच को लेकर कमिटी भी गठित की गई थी. लेकिन बावजूद इसके कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई भी फर्क नजर नहीं आया है. बिजली बिल कम करने के लिए कुछ महीने पहले बिजली बिल ऑफिस के बाहर एलईडी बल्ब ग्राहकों को बेचे गए और ग्राहकों से यह कहा गया कि इससे बिजली के बिल कम आएंगे. लेकिन उसका भी कोई लाभ ग्राहकों को नहीं हुआ. ग्राहकों का कहना है कि सरकार ने बल्ब बेचने के लिए ही यह फार्मूला अपनाया था.

    गर्मी भले ही समाप्त हो चुकी है. नागरिकों के घरों में कूलर का उपयोग भी न के बराबर हो रहा है. बावजूद इसके नागरिकों को हजारों रुपए में बिजली के बिल भेजे जा रहे है. बिजली के बिल पर सोमवार को न्यूज़ प्रकाशित करने के बाद नागरिकों ने अपने कमेंट में हमें बताया कि उन्हें भी हजारों रूपये बिजली का बिल भेजा जा रहा है. जाफर नगर में रहनेवाले एक पीड़ित को एवरेज बिल के नाम पर 82 हजार रुपए बिजली का बिल भेजा गया. जबकि उनका कहना है कि घर लगभग 18 महीने से बंद था. उन्होंने इसकी शिकायत एसएनडीएल के ऑफिस में की तो उन्हें 70 प्रतिशत बिल का भुगतान करने के लिए कहा गया. ऐसे अनगिनत नागरिकों को पिछले कई वर्षो से बिजली बिल के कारण परेशान होना पड़ रहा है. लेकिन किसी को भी कोई फ़िक्र नहीं है.

    चंद्रमणी नगर में रहनेवाले राजाभाऊ चारबे ने बताया कि वे थोड़ा टेक्निकल चीजे जानते है. जिसके हिसाब से उन्हें 150 यूनिट का बिजली बिल आना चाहिए. जबकि बिजली का बिल 250 यूनिट आ रहा है. पिछले दो महीने से 2,500, 2,700 रुपए बिजली बिल आता है. अब बारिश शुरू होने के बाद भी 1900 रुपए बिल आया है. जिसके कारण काफी परेशानी हो रही है.

    पार्वती नगर में रहनेवाले आशीष यादव का कहना है कि इस महीने 4,500 हजार रुपए बिजली का बिल भेजा गया, पिछले महीने 3,400 रुपये बिजली का बिल भेजा गया. छह से सात महीने से बिजली बिल 300 यूनिट का भेजा जा रहा है. करीब 10 बार मीटर से सम्बंधित शिकायत की है. लेकिन कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया. अब मीटर टेस्टिंग के लिए डिमांड भरा है. कमर्चारियों द्वारा कुछ भीठीक ढंग से नहीं बताया जाता कि मीटर टेस्टिंग के लिए कब आएंगे.

    सोमवारी क्वार्टर में रहनेवाले दीपक मेश्राम ने बिजली बिल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिजली का बिल हजारों में आ रहा है. समझ नहीं आता क्या करे. बिजली बिल के कारण काफी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया की खाएंगे क्या और कमाएंगे क्या.

    इस बारे में बिजली वितरण फ्रंचायजी के पीआरओ दीपांशु खिरवटकर से संपर्क करने की काफी कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई भी प्रतिसाद नहीं मिल पाया.

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