Published On : Thu, Sep 20th, 2018

जब एसीबी की टीम डकार गई “जॉनी वॉकर” नामक महँगी शराब

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एएसआय भगवान शेजुल फिलहाल एसीबी टीम के नहीं लगे हाँथ 

नागपुर टुडे – प्रतापनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन नागपुर की टीम पर कुछ गंभीर आरोप के साथ ही कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े होता दिखाई दे रहा है । इस पुलिस स्टेशन में बुधवार को सहायक फौजदार ( asi ) भगवान शेजुल के खिलाफ भ्रस्टाचार प्रतिबंधक की धारा 7( A ) के तहत मामला दर्ज किया गया है जिसमे फिर्यादी मनोज बैसवारे (48) निवासी कुंभारपुरा, संतरा मार्केट नागपुर है । मामला 5 लाख की रिश्वत मांगे जाने का है जिसमे डेढ़ लाख देने की बात तय हुई थी।

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एसीबी ने फिर्यादी की रिपोर्ट पर शुरुवाती जाँच किये बिना साथ ही, मामले की सत्यता को परखे बिना सीधे सहायक फौजदार भगवान शेजुल के खिलाफ प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज कर दिया ऐसा आरोपी शेजुल के परिवार ने लगाया है। आरोप रजिस्टर करने के बाद शाम करीब 7 बजे प्रतापनगर स्थित शेजुल ले घर की तलाशी एसीबी द्वारा ली गई और इस दौरान घर में मौजूद उच्चशिक्षित पीड़ित परिवार के सदस्यों को अपमानित भी किया गया ऐसा आरोप एसीबी पर लगा है । पीड़ित परिवार के मुताबिक तलाशी के दौरान एसीबी के हाथ कोई पुख्ता सबूत तो नही लगे मगर उसी दौरान उनकी नजर आलमारी में रखी महँगी शराब “जॉनी वॉकर पर पड़ी,2 लीटर सिंगापूर निर्मित शराब की एक बोतल की कीमत करीब 11 हजार रूपए है। जाँच के लिए आये एसीबी के दल ने परिवार के सामने यह कहते हुए अपने कब्जे में ले लिया कि इसका बार कोड चेक करके इसकी सही कीमत पता करनी है ।

शेजुल की बेटी का कहना है की जप्त शराब को कब्ज़े में लेने के जाँच दल के सदस्यों के मुँह से उसने यह कहते हुए सुना की क्यूँ न आज पार्टी मनाई जाये। रात करीब 10:45 को एक अधिकारी ने शेजुल परिवार की सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटी नेहा शेजुल से पीने का ठंडा पानी और कांच का ग्लास माँगा। जिसके बाद बारी-बारी से एक-एक कर सभी कर्मचारी बाहर खड़े सरकारी वाहन में जाकर शराब पीने लगे ऐसा दावा नेहा ने किया है। यह सिलसिला करीब आधा घंटे तक जारी रहा जिस वक्त ये सब चलता रहा उतने देर तक जाँच दल के साथ आयी तीन महिला कर्मचारी घर के अंदर ही बैठी रही।

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घर में रखी शराब के बारे में नेहा ने बताया की यह शराब ड्यूटी( टैक्स ) फ्री है और उन्होंने इसे अपने किसी मित्र को कहकर विदेश से कुछ ख़ास मेहमानों को देने के लिए मंगवाया है । नेहा के मुताबिक उसके पिता पर लगा आरोप बेबुनियाद है। उन्हें प्रतापनगर पुलिस स्टेशन के ही कुछ कर्मचारियों ने एसीबी ट्रैप में फ़साने की सोची समझी साजिश रची थी । जबकी इस बारे में उनके पिता ने 14 सितंबर को ही एसीबी में लिखित शिकायत की थी की थी जिसकी कॉपी उनके पास है । उसके एक दिन पहले रात 11 बजकर 10 मिनिट पर भगवान शेजुल ने एसीबी के 0712 -2561520 पर फोन लगाकर इस बाबत जानकारी भी दी थी।शेजुल की एसीबी के DYSP माहुरकर से फ़ोन पर हुई बातचीत में एसीबी के अधिकारी की तरफ से कहाँ गया था की रात में शिकायत लेने की सुविधा नहीं है। जिसके बाद अगले दिन सुबह शेजुल ने लिखित शिकायत दी थी। और उसके बाद भी मनोज बैसवारे नामक शख्श उन्हें 420 के मामले से बचने के लिए रिश्वत देने की कोशिश कर रहा था मगर एसीबी ने उनकी शिकायत को नजरअंदाज करते हुए उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है ।

शेजुल की बेटी ने आरोप लगाया है की इस मामले को दबाने के लिए एसीबी द्वारा उनके पिता से कार्रवाई से बचने के एवज में लाखों रुपयों की डिमांड भी की जा रही थी। जिसे पूरा न करने पर उनके पिता को जबरन भ्रस्टाचार के इस झूठे मामले में फसाया गया है। सहायक फौजदार भगवान शेजुल अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है ।

भगवान शेजुल (ASI) की एसीबी DYSP माहुरकर से फ़ोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग नागपुर टुडे के पास है जिसे साथ ही ASI शेजुल ने ही रिकॉर्ड किया है साथ ही एसीबी को की गई शिकायत की कॉपी भी है। नेहा ने बताया की एसीबी टीम ने उनसे बदसलूखी करते हुए कहाँ की तेरा बाप चोर है।

नागपुर टुडे ने इस मामले में एसीबी के (SP ) पी आर पाटिल से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया। इसके बाद बाद एडिशनल एसपी राजेश दुधलवार से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया की आरोपी ASI शेजुल की बेटी या रिश्तेदारों द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है। एसीबी की टीम जब भी किसी आरोपी के घर सर्च के लिए जाती है तब एसीबी का स्टाफ तथा दो सरकारी पंचो को साथ ले जाया जाता है। सर्च कार्रवाई का अहम हिस्सा है। हमारी टीम ने किसी भी प्रकार की शराब की बोतल जब्त नहीं की। इस कार्रवाई को झूठा साबित करने के लिए आरोपी के परिवार द्वारा कहानी बनाई जा रही है। ASI शेजुल ने जिस दिन एसीबी कार्यालय में फ़ोन किया था और जिस दिन लिखित शिकायत दी थी उसके दो दिन पहले ही एसीबी ने पंचो के समक्ष पैसे मांगने की डिमांड की जाँच पड़ताल की थी। जिसमे आरोप साबित हुआ और शेजुल के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल फरार ASI शेजुल को पकड़ने के लिए एसीबी की टीम जुटी हुई है।

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