Published On : Thu, Jun 27th, 2024
By Nagpur Today Nagpur News

सुपारी माफिया के आतंक से भोला चुग की मौत, प्रशासन पर गंभीर आरोप

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सुपारी के काले धंदे ने ली एक निर्दोष पिता की जान

नागपूर – निर्दोष भोला चुग की मौत ने व्यापारी जगत मे हड़कंप ला रखा है. सुपारी व्यापारियों ने उस बुजुर्ग को इतना डराया धमकाया के निराश होकर उन्हें अपनी जीवन लीला ही समाप्त करनी पड़ी. अपने आख़री बयान मे उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की गुहार प्रशासन से लगाई.इस घटना मे धर पकड़ शुरू हुई. नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया न्यायालय ने पुलिस रिमांड भी दिया लेकिन इस रीमांड के दौरान आरोपियों का स्वागत मेहमानों की तरह किया गया विश्वस्त सूत्रों के हवाले से आरोपियों से पूछताछ कम और स्वागत सत्कार ज्यादा किया गया. शांति नगर के थानेदार विक्रांत सगने ने बताया,की सुसाइड नोट के अनुसार कुल 23 आरोपीयों का नाम दर्ज है जिसमे से 12-13 अब भी फरार है.बहुत ही सामान्य सी प्रक्रिया के साथ इस मामले की जांच आर्थिक लेन देन के दृस्टिकोण से चल रही है.लेकिन एक निर्दोष बुजुर्ग की मौत की तह मे कोई भी एजेंसी झाकने तैयार दिखाई नहीं देती.यह मौत और यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देशविरोध मे चल रही बड़ी गतिविधियों का केंद्र है.

विदेशी तस्करी का यह मामला-

यह मामला विदेश तस्करी का बताया जा राहा है. सरकारी तिजोरी पर रोजाना पड़ रहे डाके का यह मामला है इतना ही नहीं जिला, राज्य और देश के लाखो मासूमों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ करने वालों का यह मामला बताया जा रहा है. मृतक भोला चुग ने अपने आख़री वीडियो मे बयान दिया है कस्टम और टैक्स की चोरी की जाति है.

मृतक भोला चुग ने अपने आख़री वीडियो दिया बयान –

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मृतक भोला चुग ने अपने आख़री वीडियो मे बयान दिया है कस्टम और टैक्स की चोरी की जाति है.जीन कारखानों का जिक्र उन्होंने किया वहाँ क्या गोरखधंदा होता है इसको जानने की तकलीफ प्रशासन ने नहीं की.फिलहाल इंडोनेसिया इनफाल और श्रीलंका के रास्ते सड़ी सुपारी देश मे आतीं है.असम लाइन से होते हुए सैकड़ो ट्रक सड़ी सुपारी झूठे बिलो पर रोजाना नागपुर पहुँचती है.. जीएसटी विभाग सब जानते हुए भी बिलकुल चुप है.अन्न और औषधि विभाग का कहना है के उनके पास पर्याप्त अधिकारी और स्टाफ नहीं है.. जबकि सुपारी व्यापारी कहते है के फ़ूड विभाग के चपरासी से लेकर कमिश्नर तक हम मोटी रकम पंहुचाते है इसीलिए अन्न और औषधि विभाग की कार्यवाही इन गोदामों और कारखानों पर दिखावे भर की ही की जाती है.

पुलिस विभाग भी इस देशविरोधी भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है. हर सम्बंधित थानो और उनके अधिकारियो को खुश किया जाता है. तभी सरेआम यह गोरखधंदा चल रहा है.कौड़ियों के दाम विदेशो से मिलने वाली सड़ी सुपारी टैक्स बचाकर 350 से 400 रु किलो के हिसाब से बाजार मे बेची जाती है..

उससे पहले यह माल शहर के अंदर और बाहर बने गोदामों और कोल्ड स्टोरेज मे उतारा जाता है.प्रीति कोल्ड , लक्ष्मी कोल्ड, हिमालय कोल्ड, वाधवाणी कोल्ड, नागपुर कोल्ड स्टोरेज, अरिहंत कोल्ड,नवकार कोल्ड, उमिया ले आउट तथा कलमना इलाके मे कुछ गोदाम है. उंगलियों पर गिने जा सकने वाले गोदाम है जिनका सभी एजेंसीयों को पता है.

आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने की थी कार्यवाही –

आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने कुछ सुपारी के कालाकारोबारियों पर कार्यवाही भी की लेकिन दर्जनों अब भी जद से बाहर है.कुछ व्यापारियों ने तस्करी के रुपयों से नागपुर -जबलपुर रोड पर 500 एकड़ जमीन खरीदी है.

सुपारी व्यापारियों की शहर सम्पत्तियों सुची बडी –
सुपारी व्यापारियों की शहर शहर सम्पत्तियों की एक बड़ी सुचि है.एजेंसीया यदि चाहे तो असली कालाधन यहां मिल जायेगा.कई ट्रांसपोर्ट इस गोरखधंधे को निहाल कर रहे है. सैकड़ो चेक पॉइंट और टोल बूथ होने पर भी बिना डरे नकली इवे बिल बनाकर कभी अचार के नाम पर कभी प्लास्टिक के नाम पर तो कभी कबाड़ी के नाम के बिल पर यह सुपारी राज्य मे लायी जाती है..जैन और विक्रांत इसके मजबूत खिलाडी है.इस पुरे मामले मे एक चार्टेर्ड अकाउंटन्ट की भुमिका बड़ी निराली है. खुद को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का खास बता कर सभी प्रशासकिय कार्यालयों, पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय तथा जीएसटी विभागों मे इन कालाकारोबारियों की सिफारिश कर इन्हे संरक्षण दिलाता है. यदि सरकार साफ नियत से चाहे तो देशविरोधी इन गतिविधियों पर अंकुश लगाना बेहद मामूली काम है. तभी भोला चुग और उनके जैसे कई निर्दोषों के आत्मा को मिल पाएगी शांति. ‘नागपुर टुडे’ अगले भाग मे बतायेगे कौन अधिकारी है शामिल, किसे मिलती है कितनी पोटली और व्यापारियों की सम्पत्ति का भी देंगे ब्योरा.

.. Narendra Puri

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