Published On : Tue, Sep 19th, 2017

जी का जंजाल बना भांडेवाडी ‘डंपिंग यार्ड’


नागपुर: नागपुर महानगरपालिका ने अस्थाई ‘डंपिंग यार्ड’ को बिना रोजाना प्रक्रिया कर स्थाई कर दिया। इससे परिसर की जल, वायु व मिटटी पूर्णतः प्रदूषित हो चुकी हैं.इस वजह से आसपास के हज़ारों नागरिकों की बस्तियां नाना प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को झेल रहे हैं. इस मामले को लेकर अधिवक्ता सी.एच.शर्मा एवं अंसार शेख के नेतृत्व में शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मिला। उन्होंने मनपा-नासुप्र के प्रमुखों की संयुक्त बैठक कर समस्या निवारण का आश्वासन जरूर दिया लेकिन आज तक कोई समस्याग्रस्त परिसर भांडेवाडी की ओर भटका तक नहीं। समय रहते प्रशासन ने भांडेवाडी से कचरा ‘डंपिंग यार्ड’ स्थानांतरित नहीं किया तो न्यायालय की शरण में जाने के संकेत दिए जा हैं.

अधिवक्ता शर्मा के अनुसार पहले कचरा ‘डंपिंग यार्ड’ कामठी रोड पर हुआ करता था. बढ़ती आबादी और समस्या के कारण नागपुर महानगरपालिका ने इसे भांडेवाडी में वर्षों पूर्व बिना सम्पूर्ण व ठोस कर दिया। जबकि भांडेवाड़ी में रोजाना अस्थाई रूप से कचरा जमा किया जाना चाहिए था. जमा होने वाले समूर्ण कचरे पर विभिन्न प्रकार की प्रक्रिया कर निपटाया जाना चाहिए था. रोजाना लगभग ११०० टन कचरा सम्पूर्ण शहर से संकलन कर भांडेवाड़ी में जमा किया जाता है. इनमें से आज सिर्फ अस्पतालों के बेकार कचरों पर प्रक्रिया की जाती है, वह भी रोजाना १० टन पर. शेष जमा कचरा जमीन,वायु व जल को प्रदूषित कर रहा हैं. सम्पूर्ण कचरों पर प्रक्रिया हुई होती तो आज भांडेवाड़ी की स्थिति इतनी ख़राब नहीं होती।

शर्मा के अनुसार प्रत्येक वर्ष सम्बंधित प्रशासन ने वर्षा पूर्व एवं बाद कचरा ‘डंपिंग यार्ड’ एवं आसपास के बस्तियों का मिटटी, जल व वायु परिक्षण करना चाहिए। ख़राब होने पर तुरंत उपाययोजना किया जाना प्रशासन की जिम्मेदारियों में से एक है. लेकिन एनएमसी, नासुप्र व जिलाप्रशासन अपना पल्ला झड़क आसपास रहने वाले नागरिकों के साथ खिलवाड़ कर रही है.

२९ अगस्त को आम अादमी पार्टी का शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मिला और भांडेवाडी ‘डंपिंग यार्ड’ और उसके आसपास रहने वालों की समस्याओं से उनको रु-ब-रु करवाया। उन्होंने मनपा-नासुप्र के प्रमुखों की संयुक्त बैठक कर समस्या निवारण का आश्वासन दिया जरूर लेकिन आज तक कुछ ना किया गया.

‘डंपिंग यार्ड’ के इर्द-गिर्द रहने वालों में वरिष्ठ नागरिकों व छोटे-छोटे बच्चों की स्वास्थ्य पर काफी गहरा असर पड़ा रही है. इन्होंने मनपा प्रशासन से मांग की है कि स्थाई उपाययोजना किए जाने तक तत्काल सभी विभाग में अस्थाई ‘डंपिंग यार्ड’ का निर्माण किया जाए. समय रहते प्रशासन ने भांडेवाडी से कचरा ‘डंपिंग यार्ड’ स्थानांतरित नहीं करने पर न्यायालय की शरण में जाने का संकेत दिए नागरिकों ने दिया है.