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    Published On : Tue, Sep 8th, 2020

    पुनः लाभ के पद के लिए मुंढे के करीबियों का पाला बदलना शुरू

    – तबादला होते ही दुःख-दर्द भूल गई सत्ताधारी पक्ष व् उसके समर्थक

    नागपुर स्वार्थपूर्ति हेतु तात्कालीन मनपायुक्त तुकाराम मुंढे का साथ देने वाले लगभग आधा दर्जन कर्मी उनके तबादले बाद पुनः सत्तापक्ष के करीब जाने लगे ताकि उनका कहर का सामना न करना पड़े और पुनः मनचाहे पद पर आसीन हो सके.

    जनवरी माह के अंत-अंत में तबादले की रिकॉर्ड बनाने वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे बतौर मनपायुक्त ने जिम्मेदारी संभाली। इनके आते ही ऐसा वातावरण तैयार हुआ कि वे अब २-३ साल कहीं जाते नहीं या फिर मनपा को आर्थिक तंगी का हवाला देख बर्खास्त कर मनपा चुनाव बाद ही यहाँ से लौटेंगे।

    इसी झांसे में सत्तापक्ष के समर्थक आधा दर्जन अधिकारी-कर्मी मुंढे के खेमे में स्थान पाने के लिए सत्तापक्ष से खिलाफत कर मुखबिरी करने लगे.इनमें स्मार्ट सिटी के २ अधिकारी,पूर्व निगम सचिव,और पूर्व निगमायुक्त का वाहन चालक जो उन्हीं की मेहरबानी से आयुक्तालय में ड्राइवर से क्लर्क बन गया.इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग और जलप्रदाय विभाग के २ आला अधिकारी का समावेश था.स्वास्थ्य विभाग के घंटावार दंपत्ति मुंढे के इतने करीबी हो गए थे कि उनके खिलाफ सत्तापक्ष के सारे अस्त्र उपयोग किये जाने के बाद भी मुंढे के कानों पर जून तक नहीं रेंगा।

    उक्त सभी मुंढे करीबी लगभग ७ माह काफी तैस में रहे,इनमें से एक अधिकारी जो स्मार्ट सिटी से ताल्लुक रखता हैं,वह मुंढे व सत्तापक्ष के मध्य भीषण द्वन्द में लाभार्थी बन स्मार्ट सिटी का मुखिया बन गया.इस पद पर जबरन मुंढे ने कब्ज़ा कर लिया था और सत्तापक्ष का कानूनन विरोध बाद पदमुक्त भी किया गया,जिसका लाभ उक्त अधिकारी को हो गया.

    इसी बीच उच्च स्तरीय तय समझौते के तहत मुंढे का तबादला कर दिया गया।यह भी कड़वा सत्य हैं कि मुंढे के तबादले के बाद मनपा के सत्ताधारी मुंढे के खिलाफ की जा रही सभी पहल को ढीला छोड़ देंगे।

    मुंढे के तबादले की खबर सुनते ही शेष मुंढे समर्थक/मुखबिर अब पाला बदलना शरू कर दिए. कल तक मुंढे के इर्द-गिर्द रहने या चहल-कदमी करने वाले अब पुनः सत्तापक्ष का विश्वास जीतने का प्रयास में लीन हैं.अब देखना यह हैं कि मुंढे काल में उनके मुखबिरों से सत्तापक्ष भविष्य में कैसा व्यवहार करती हैं या फिर मुंढे की तरह उन्हें भी माफ़ कर उनके मांग अनुरूप लाभ के पद पर कायम रखती या बिठाने में अहम् भूमिका निभाती हैं.

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