Published On : Fri, Jan 27th, 2017

नोटबंदी की वजह से बैंक कर्ज देने में आनाकानी नहीं करेंगे


नागपुर:
नोटबंदी की वजह से अब बैंकों का पूँजी संग्रहण तो बढ़ा ही है, व्यक्तिगत तौर पर ग्राहकों का बैलेंस शीट भी बेहतर हुआ है, इस वजह से बैंक अब ग्राहकों को कर्ज देने में आनाकानी नहीं करेंगे। नाग विदर्भ चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स यानी एनवीसीसी तथा एचडीएफसी लाइफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में वक्ताओं ने उक्ताशय की उम्मीद व्यक्त की। ‘नोटबंदी का व्यापार पर असर’ शीर्षक से आयोजित इस कार्यशाला में एनवीसीसी से जुड़े व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कार्यशाला को एचडीएफसी लाइफ के वरिष्ठ अधिकारियों दिनेश पिल्लै एवं अभय व्यास ने संबोधित किया. रोचक पॉवर प्रेजेंटेशन के जरिए दोनों जानकारों ने उपस्थित व्यापारियों को बताया कि नोटबंदी की वजह से फ़िलहाल जरुर जीडीपी (सकल विकास दर) प्रभावित होगी, लेकिन कालांतर में इसी नोटबंदी के चलते जीडीपी में खासा उछाल आएगा। वक्ताओं ने कालेधन और आतंकी कार्रवाईयों पर अंकुश लगने की बात भी इस अवसर पर कही। कुमारी वैभवी देशपांडे ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के चलते करदाताओं की संख्या देश में बढ़ गयी है, अतः ऐसे वक़्त में वित्तीय खर्चों का नियोजन सही तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई ऐसी सरकारी योजनाएं हैं कि जिन पर अमल कर आसानी से कर (टैक्स) बचाया जा सकता है।

आरंभ में एनवीसीसी के अध्यक्ष प्रकाश मेहड़िया, उपाध्यक्ष हेमंत गाँधी एवं अर्जुनदास आहूजा ने एचडीएफसी लाइफ के पश्चिमी विभाग उपाध्यक्ष दिनेश पिल्लै, क्षेत्रीय प्रबंधक अभय व्यास एवं कुमारी वैभवी देशपांडे का शाल, पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल से स्वागत किया।