Published On : Mon, Oct 10th, 2022
By Nagpur Today Nagpur News

पूर्व पालकमंत्री के कार्यकाल के मंजूर प्रस्ताव पर लगी रोक

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– अगली डीपीसी में होगा निर्णय

नागपुर – पूर्व पालक मंत्री नितिन राउत ने अपने कार्यकाल में डीपीसी का सबसे अधिक धन केवल अपने ही उत्तर नागपुर विधानसभा क्षेत्र को दिया, तो दूसरी ओर वर्तमान पालक मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी प्रस्तावों की फिर से जांच करने का निर्देश दिया है. दिलचस्प बात यह है कि राउत ने 103 करोड़ की निधि से अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास की योजना बनाई थी।

उपमुख्यमंत्री और पालक मंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में जिला योजना समिति (डीपीसी) की बैठक में पूर्व पालक मंत्री नितिन राउत पर लगभग सभी की नजर थी. भाजपा विधायक ने राऊत द्वारा खुद के विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास निधि का पठन की। इसलिए वर्त्तमान पालकमंत्री ने उसकी समीक्षा के लिए रोक लगा दी। इससे राउत को बड़ा झटका लगेगा.

बैठक में योजना अधिकारी राजेश गायकवाड़ ने पिछली बैठक के कार्यवृत्त के रख-रखाव विषय के साथ वर्ष 2022-23 के लिए स्वीकृत निधि एवं व्यय लेखा प्रस्तुत किया। राउत ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए विशेष मद अंतर्गत सबसे अधिक राशि की योजना बनाई थी। राऊत ने माइनिंग फंड भी लिया। इसके तहत 39 करोड़ की निधि स्वीकृत किया गया है और करोड़ों का टेंडर निकाला गया है. कृष्णा खोपड़े, आशीष जायसवाल, समीर मेघे और अन्य विधायकों ने शिकायत की कि उन्होंने विधायकों को बिना बताए पैसे ले लिए गए.उन्होंने पूर्व के कार्यों की भी जांच कराने की मांग की गई है।
समीर मेघे ने निधि को लेकर विधायकों के पत्र का भी जवाब नहीं मिलने का मुद्दा उठाया. सुनील केदार ने यह मुद्दा उठाया कि इस वर्ष मंजूर निधि में से 64 करोड़ के कार्य एक ही निर्वाचन क्षेत्र की हैं ,जिसमे से केवल एक प्रस्ताव 19 करोड़ का है। यह काम पूर्व पालकमंत्री राउत के निर्वाचन क्षेत्र का बताया जा रहा है.

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