Published On : Sat, Oct 22nd, 2016

असम के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित का हुआ नागरी सत्कार

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नागपुर: शनिवार को असम के राज्यपाल और वरिष्ठ भाजपा नेता बनवारीलाल पुरोहित का नागरी सत्कार किया गया। वसंतराव देशपांडे सभागृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश विकास शिरपुरकर के हाँथो बनवारीलाल पुरोहित का सम्मान किया गया। इस सम्मान का आभार व्यक्त करते हुए बनवारीलाल पुरोहित ने कहाँ केंद्र सरकार ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है वह उस बारे में सोच भी नहीं सकते थे। उन्हें जो जिम्मेदारी और सम्मान मिला है वह नागपुर वासियो का सम्मान है वह इस पद पर रहते हुए नागपुर का नाम वहाँ स्थापित करेगे।

माननीय राज्यपाल और अपने राजीतिक गुरु के सम्मान में बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहाँ कि नागपुर शहर में राजनितिक, सामाजिक और शिक्षा के क्षेत्र में बीते 25 वर्षो का इतिहास बिना बनवारीलाल पुरोहित की भागीदारी से पूरा नहीं हो सकता है। राजनीति में आचरण और संस्कृति कैसी होनी चाहिए वो उन्होंने उन्ही से सीखा है। राजनीति में मेरी लॉन्चिंग ही उन्होंने की थी। बाबुजी में जो भी काम किया आत्मविश्वास और पारदर्शिता के साथ किया कभी हालातो से समझौता नहीं किया। साफ साफ बात करना और ईमानदारी उनका हथियार रही है। उनके इस व्यवहार से उनसे बहुत कुछ छीना है पर उन्होंने देश को बहुत कुछ दिया है। प्राइवेट कंपनी को कोल का आवंटन रद्द करने की लंबी लड़ाई उन्होंने लड़ी आज इसी का असर है कि देश को 2 लाख करोड़ का राजस्व कोल ब्लॉक के आवंटन से हुआ है। बाबुजी का जीवन पारदर्शी, गुणवत्ता को प्रधानता देने वाला और अपने उसूलो के प्रति समर्पित रहा।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने बनवारीलाल पुरोहित को विदर्भ का नायक बताया। गडकरी ने उपस्थितों को जानकारी देते हुए बताया कि भुवनेश्वर अधिवेशन में बीजेपी ने अलग विदर्भ राज्य का जो प्रस्ताव पास किया था उसमे उनकी ही भूमिका थी। वह जिस राज्य के राज्यपाल नियुक्त हुए है उसका खास महत्त्व है उनकी सेवा से असम का विकास होगा यह निश्चित है मेरे लिए ये आनंद का क्षण है। आज नागपुर में जो कई केंद्रीय संस्थान स्थापित है यह उन्ही की देन है। शिक्षा, पत्रकारिता, राजनीति के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य है।

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पालकमंत्री ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए उनसे मिली राजनितिक शिक्षा को राजनीतिक जीवन का आधार बताया। पुरोहित के साथ बीज प्रकल्प में प्रक्लपपिडितो को रोजगार की माँग करते हुए आंदोलन को पालकमंत्री ने खास तौर पर याद किया। इस दौरान दोनों से किस तरह जेल में सात दिन जेल में बिताये उसका अनुभव भी साझा किया। पूर्व न्यायधीश जस्टिस शिरपुरकर ने पुरोहित को ईमानदार व्यक्तिव वाला व्यक्ति और विचारो के प्रति समर्पित बताया।

कार्यक्रम के दौरान नागपुर महानगर पालिका द्वारा भी माननीय राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित का शहर की जनता की ओर से सत्कार किया।

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