Published On : Wed, Oct 3rd, 2018

आशीष देशमुख ने विधानसभा अध्यक्ष को सौपा त्यागपत्र

नागपुर: जिले की काटोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक आशीष देशमुख ने बुधवार को मुंबई में विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागड़े से मिलकर अपना त्यागपत्र सौप दिया। देशमुख ने मंगलवार को ही त्यागपत्र देने की घोषणा की थी। ऐलान करने के बाद ही देशमुख कांग्रेस सीधे वर्धा में गाँधी जयंती के अवसर पर आयोजित कांग्रेस की जनसभा में पहुँचे और राहुल गाँधी से मुलाकात की थी। अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपने के बाद देशमुख ने फिर एक बार बीजेपी सरकार पर हमला बोला। बीजेपी के विधायक के रूप में आशीष लगातार पार्टी के बगावत करते रहे।

उन्होंने अपने क्षेत्र में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जिसमे यशवंत सिन्हा,शत्रुध्न सिन्हा जैसे बागियों के साथ अन्य दलों नेताओं को भी आमंत्रित किया था। किसान आत्महत्या,बेरोजगारी,अलग विदर्भ राज्य,किसानों के मुआवज़े के मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री के साथ ही सरकार की नीतियों को भी कठघरे में खड़ा किया था। उनके बाग़ी रुख को देखते हुए पार्टी ने उन्हें कई बार मानाने का प्रयास भी किया था।

देशमुख का बीते दिनों में कांग्रेस से संपर्क बढ़ा है। और मंगलवार को कांग्रेस के मंच पर चढ़कर उन्होंने लगभग ये संकेत दे दिया है की वो आगामी चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन थाम लेंगे। लेकिन उनके इस कदम से काटोल विधानसभा में गठबंधन का पेंच उलझ गया है,क्यूँकि अगर देशमुख कांग्रेस का दामन थाम लेते है तब यहाँ से चुनाव कौन लड़ेगा ये सवाल खड़ा हो जायेगा।

आशीष ने पिछले चुनाव मोदी लहर के बीच काटोल में पैठ रखने वाले पूर्व मंत्री अनिल देशमुख को हराया था। अनिल देशमुख राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आशीष के चाचा है। हालाँकि दोनों के बीच अपने-अपने राजनीतिक मतभेद भी है। कांग्रेस-राष्ट्रवादी के बीच वैचारिक और राजनीतिक गठबंधन है। आशीष के त्यागपत्र पर अनिल ने इस फ़ैसले को काटोल की जनता के साथ विश्वाशघात करार दिया है।