Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Mon, Apr 27th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    अर्णब यह कौन सी पत्रकारीता है ?

    नागपूर– अंग्रेजी मे कहावत है ‘ पेन ईज माय डिअर देन स्वार्ड ‘ यांनी’ कलम तलवार से अधिक शक्तिशाली है’. पत्रकारीता को लोकतंत्र का चौथा पाया( स्तंभ) कहा जाता हैं . पत्रकारिता ने लोकतंत्र मे महत्वपूर्ण स्थान अपने आप नही हासिल किया है . सामाजिक सरकारों के प्रति पत्रकारिता के दायित्व के महत्व को देखते हुए समाज ने ही इसे यह दर्जा दिया है . कोई भी लोकतंत्र तभी सशक्त है जब पत्रकारिता सामाजिक सरकारो के प्रती अपनी सार्थक भूमिका निभाती रहे,सार्थक पत्रकारिता का उद्देश्य होना चाहिये की वह लोकतंत्र और समाज के बीच महत्त्वपूर्ण कडी की भूमिका निभाये . लेकिन इंन सभी मुद्दो को ताक पर रखकर पत्रकारिता की जाए तो क्या होता है .

    इसका एक उदाहरण हमने अर्णब गोस्वामी के रिपब्लिकन टीव्ही शो पर देखा .बात थी पालघर मॉब लिंचींग की, जो वो अपने शो मे दिखा रहे थे,की देश मे किसी भी समुदाय के लोगो पर मॉब लिंचिंग नही होनी चाहीए . लेकिन इसके पहले देश में इतनी मॉंब लिंचींग हुई तब कहा पत्रकारीता कर रहे थे यह महाशय . मॉंब लिचींग ने दो साधुओ को मार दिया . जिसका हम खुद विरोध करते हैं . लेकिन इसी शो में अर्णब गोस्वामी ने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर हमला बोल दिया की इसके पीछे सोनिया का हाथ हैं . साधुओ को किसने मारा क्यों मारा ये सब छानबीन करने का काम पुलिस का है

    वो मीडिया का नही हैं . लेकिन अर्णब गोस्वामी ने अगर राजनीतिक हमला किया होता तो उसे मान भी लिया जाता . मगर जैसे कि आप उन्हें इटली वाली सोनिया गांधी कहते है . आरोप लगाते है, कि वे भारत मे हिंदू साधू की हत्यारो के बारे मे रिपोर्ट इटली भेजती है . तो ये दुष्टता पूर्वक मानहानी है,सोनिया पर , उनकी पूर्व नागरिकता पर नही, बल्कि आप उनके धर्म- इंसानियत पर हमला कर रहे है .वास्तव में यह तो राजनीतिक पहलुओ से भी खतरनाक है . क्योकी अर्णब यह दावा करते दिख रहे है ‘ कि इटली इस बात के लिए सोनिया की तारीफ कर रहा है ‘ की वो भारत मे साधुओ की हत्याए करवा रही है. अर्णब ने खुद को किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता घोषित कर दिया होता . तो किसी को बुरा नही लगता की बात पार्टी की हैं . राजनीति मे विनम्रता नही होती .लेकिन एक टीवी चैनल के एडिटर इन चीफ किसी को भी खुले तौर पर बदनाम करने का जो खतरनाक चलन आज-कल देश मे चल पड रहा है . वो जल्द ही देश मे अराजकता फैला सकता है . इस घटना के बाद कांग्रेस के कुछ राज्यों मे सोनिया गांधी की बदनामी को लेकर केस दर्ज किए गये . दुसरे दिन रात करीब डेढ़ बजे अर्णब ने दावा किया की कुछ लोगो ने उन पर हमला कर उन्हें मारने की कोशिश की है .

    इस सारी घटना पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टीस डीवाय चंद्रचूड और जस्टीस एम. आर. शहा कि आदालत ने व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंग से फैसला सुनाया ओर अर्णब गोस्वामी को तीन सप्ताह की राहत दी . अब आगे की कार्रवाई तीन सप्ताह बात पता चलेगी .

    हम आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद मे देखते है तो काफी कुछ पत्रकारों को किसी विचारधारा के चलते जान गवानी पडी हैं . लोकसभा में पेश राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्युरो की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 से अब तक देश मे पत्रकार पर काफी कुछ हमले हुए. जिसमे उत्तर प्रदेश मे 67, दुसरे नंबर पर मध्य प्रदेश 50 और फिर बिहार में 22, महाराष्ट्र मे भी हमले की काफी वारदाते सामने आई है . वर्ल्ड फ्रीडम 2019 की माने तो भारत मे पत्रकारों की स्वतंत्रता और सुरक्षा दोनो खतरे मे है . दुनिया में भारत व मेक्सिको पत्रकारों के लिए सुरक्षित देश नही है .

    बदलते वक्त के साथ बाजारवाद और पत्रकारीता के अंतरसंबधो ने पत्रकारीता की विषय- वस्तु तथा प्रस्तुत शैली में व्यापक परिवर्तन किए है . अर्णब गोस्वामी जैसे पत्रकारो ने आज की पत्रकारीता को बदल दिया हैं . सामाजीक सरोकारो तथा सार्वजानिक हीत से जुड कर ही पत्रकारीता सार्थक बनती हैं . सामाजीक सरोकारों को व्यवस्था की दहलीज तक पहुंचाने और प्रशासन की जनहीत कारी नीतियों तथा योजनाओं को समाज के सब से नीचले तबके तक ले जाने के दायित्व का निर्वाह ही सार्थक पत्रकारीता है . लेकिन वो कोन सी विचारधारा है जो इस दायित्व को खत्म करना चाहती हैं, और विचार को तोडकर लोगो के मन मे झुठी सच्चाई बताकर नफरत फैलाना चाहती है.

    किसी भी मीडिया का संपादन अपने पाठको तक अच्छे विचार पहुंचाने की कोशीश करता है . फिर अर्णब गोस्वामी जैसे लोग कौन है . जो आपके विचारों को तोडना चाहते है.

    डॉ. घपेश पुंडलिकराव ढवळे
    [email protected]
    Mo. 8600044560


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145