Published On : Tue, Dec 13th, 2016

क्या मुन्ना यादव का बेटा कानून से बड़ा है?

वीडियो में जो मुन्ना यादव दूसरे पार्टी को बजाज नगर पुलिस थाने में पुलिस कर्मियों के सामने जान से मारने की धमकी दे रहा है. मुन्ना यादव पर कोई क़ानूनी कार्रवाई क्यू नहीं ली जा रही है ? 

नागपुर: मुन्ना यादव के बेटे ने एक बार फिर अपने अपराधिक प्रवृत्ति के होने के प्रमाण दिए हैं। दरअसल मुन्ना यादव के बेटे ने तुनकमिजाजी और अपराधिक प्रवृत्ति का होने का सबूत दूसरी बार तब मिलता है जब उसने थाने के भीतर 13 दिसंबर 2016 को बजाज नगर थाने में उसके खिलाफ शिकायत करने पहुंचे युवक के साथ झड़प की बल्कि उसे धमकी भी दी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मुन्ना यादव के बेटे करण यादव ने अवधेश यादव नामक युवक पर 13 दिसंबर के दोपहर 3 बजे के आसपास हमला किया। सूत्रों ने बताया कि अवधेश यादव उर्फ पापा यादव अपने साथियों सागर व आकाश यादव के साथ देवनगर में वाहन ठीक कराने गया था। इस दौरान पांच साथियों के साथ बाइक पर धूम रहे करण यादव ने तीनों को पहचान लिया। पीड़ितों के परिजनों के अनुसार करण ने बाइक का यूर्टन लेते हुए बाइक को तीनों युवकों के सामने ऐसी खड़ी की जिससे उनका रास्ता जाम हो गया। इसके करण और उसके साथियों ने गाली गलौच शुरू कर दी। इस बीच जब करण के साथियों ने रॉड लहराते हुए करण पर पापा यादव पर हमला किया तो रॉड करण को जा लगी। इसके बाद पीड़ित ने अपने परिजनों को तुरंत इसकी जानकारी दी। परिजनों ने पुलिस को इसके बारे में सूचना दी जिसके बाद चंद मिनटों में ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई। इसके बाद पीड़ित तीनों युवकों ने जब थाने में पहुंच कर जब करण यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज करने पहुंचे तो उसी दौरान मुन्ना यादव अपने बड़े बेटे व साथियों के साथ थाने में पहुंच गए और पीड़ित युवकों के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।


बताया जाता है कि भरी पब्लिक के बीच मुन्ना यादव ने तीनों को जान से मारने की धमकी(तीन दिनों में गोलियों से उड़ा दूंगा) दे डाली। इस मामले को लेकर संपर्क किए जाने पर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुधीर नंदनवार ने बताया कि करण और अवधेश यादव के बीच पहले से विवाद था। उनके बीच पहले भी कई बार हाथापाई हो चुकी है। चूंकि मुन्ना यादव के बेटे को चोट लगी हुई थी इसलिए उसका गुस्सा तीनों युवकों पर फूट पड़ा। लेकिन मामला पुलिस थाने के भीतर का होने से पुलिस कर्मचारियों ने बीच बचाव कर मामला शांत किया। उन्होंने बताया कि दोनो पार्टियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 32 के तहत अवधेश यादव के खिलाफ व करण यादव के खिलाफ धारा 294 के तहत मामला दर्ज हुई है।

इस मामले को लेकर जोन – 1 की डीसीपी दीपाली मासिरकर ने कहा कि मीडिया मुन्ना यादव के बोटों को लेकर भ्रम फैला रही है। मुन्ना के बड़े बेटे का नाम करण यादव है जो कि अभियांत्रिकी छात्र है। छोटे बेटे के खिलाफ कुछ अपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। इस विवाद में करण यादव को प्रतिद्वंद्वी पार्टी की ओर से चोटें पहुंची है। लेकिन मुन्ना यादव द्वारा धमकाए जाने की घटना को सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वे सीसीटीवी कैमरे रिकॉर्ड जांचेगी। अगर उसमें कुछ इस तरह की घटनाएं दिखाई देंगी तो वे जरूर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद बजाज नगर पुलिस थाने जाकर दोनों पार्टियों से बात करेंगी और सच का पता लगाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अवधेश यादव के खिलाफ धारा 324 व करण के खिलाफ धारा 294 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित के परिजनों का कहना था कि अगर इस तरह की घटना कोई सामान्य व्यवक्ति कर देता तो उसे या तो तड़ीपार कर दिया जाता या उसके खिलाफ मकोका की कड़ी कार्रवाई की जाती। चूंकि वह मुन्ना यादव का बेटा है इसलिए उसे बचाया जा रहा है। भाजपा के दिग्गज नेताओं का मामले को दबाने के लिए दबाव है। सूत्रों के अनुसार मुन्ना यादव के छोटे बेटों के खिलाफ विभिन्न चार थानों में मामले दर्ज हैं। उन थानों में धंतोली, प्रताप नगर, अजनी व अब बजाज नगर पुलिस थाने का नाम भी जुड़ गया है।