Published On : Mon, Jan 6th, 2020

एंटी अडल्टरेशन ग्राहक संस्था को किया खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने सम्मानित

नागपुर – एंटी अडल्टरेशन ग्राहक संस्था को राष्ट्रीय ग्राहक दिवस के उपलक्ष्य में सम्मानित किया गया। ग्राहक क्षेत्र में ग्राहकों के अधिकार के लिए संघर्ष करते हुए संस्था को 10 साल होने पर संस्थापक अध्यक्ष मो. शाहिद शरीफ़ को खाद्य आपूर्ति अधिकारी लीलाधर वाडेकर के हाथों सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्था के 10 सालों के कार्यों को देखते हुए, संस्था की ओर से ईंधन में मिलावट कालाबाज़ारी और कैंची मार देने, पेट्रोल पंप में चिप लगाकर जैसे मामलों को उजागर करना साथ ही सरकारी गवाह बन कर आरोपियों को सजा दिलवाना, बेनामी मिट्टी तेल के लाइसेंस रद्द करवाने, दूध में मिलावट करते हुए रंगे हाथों पकड़ना ,ऐमवे के डेढ़ करोड़ रुपये के प्रतिबंधित पदार्थों को रिकॉल करवाया, एमआरपी से अधिक चिलिंग के नाम पर अतिरिक्त पैसे लेने पर रोक लगाने आदेश निकलवाया, ईंधन कंपनी के डिपो में कम मात्रा में डीलरों को पेट्रोल डीज़ल मिलने का मामला उजागर किया गया। मेडिकल हॉस्पिटल में मरीज़ों को दिए जाने वाले खाने की जाँच करवाई गई। जिस में खाद्य सामग्री को सुरक्षित और कम दर्जे का पाया गया, सीपी क्लब के खाद्य आपूर्ति परवाने को निरस्त करवाया। पिघली हुई आइसक्रीम देने पर 6000 रुपये का जुर्माना, रसोई गैस को वज़न न करके देने पर 8000 रुपया का जुर्माना, राज्यसभा पार्लियामेंट्री कमेटी के समक्ष घटिया दर्जे के चावल ग्राहकों को दिया जाने का मामला ,जिसमें छह माह के लिए राशन दुकान को स्थगित कर दिया गया, कमेटी के समक्ष खाद्य आपूर्ति विभाग की जाँचने की लैब न होने का मामला प्रस्तुत किया और प्रशासन को मंज़ूरी प्राप्त हुई, दवाई दुकानदार पर डॉक्टर की पर्ची के डोज से अधिक दवाई लेने पर ग्राहक को मजबूर करने के लिए करवाई गई।

जिसमें 15 दिन के लिए दुकान का परवाना निरस्त किया गया, ब्रैड में चूहे की गंदगी निकलने पर कैफे को 25 हज़ार रुपया का जुर्माना हुआ। अक्षय पात्र फ़ाउंडेशन के खाने में इल्ली और चूहे की गंदगी तथा निचले दर्जे का भोजन देने का मामला नागरिकों के समक्ष लाकर जाँच करवाई, एपीपीआई फ़ीस पेयजल पर असुरक्षित होने की कार्रवाई करवाई , बिना वीजा के दुबई भेजे जाने वाले यात्री को 5000 रुपये मुआवज़ा दिलवाया। मुफ़्त शिक्षा मैं पालक से अनियमित रूप से ली जाने वाली राशि व को वापस दिलवाई गई, ग्राहक संस्था द्वारा ऐसे अनेक कार्य किए गए हैं। जिसके कारण संस्था को यह सम्मान दिया गया।