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    Published On : Mon, Aug 14th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    पनामा पेपर्स मामले में अमिताभ बच्चन पर सख्त हुआ IT विभाग, जांच के लिए भेजे अधिकारी

    आयकर विभाग ने पनामा पेपर्स मामले में अमिताभ बच्चन और इससे जुड़े भारत के तमाम लोगों पर नजर पैनी कर ली है। सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, विभाग ने अपने शीर्ष स्तरीय अधिकारियों को मामले से जुड़ी सूचना इकठ्ठी करने के लिए ब्रिटिश वर्जिन आईसलैंड भेजा है।

    कैरेबियिन में ब्रिटिश वर्जिन आईसलैंड टैक्स चोरों का अड्डा माना जाता रहा है। कर विभाग ने 33 प्रोसिक्यूशन को लांच किया है जो पनामा पेपर्स मामले से जुडे़ं हैं। अधिकारियों के मुताबिक विभाग जांच में कोई देरी नहीं करना चाहता है।

    उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में अन्य देशों से भी पूछा जा रहा है और सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। बता दें कि पाक में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पनामा मामले में हुई कार्रवाई से कुर्सी गवानी पड़ गई जिसके चलते भारत में इस ओर कोई कार्रवाई न करने पर कर विभाग को शक की नजरों से देखा जा रहा है।

    यह पूछने पर कि क्या बच्चन के खिलाफ आरोपों से जुड़ी जानकारी है। अधिकारी ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर कहा कि अमिताभ से इस मामले में जानकारी ली जा रही है और उनसे पूछताछ भी की जा रही है। वहीं, बच्चन ने पनामा के कागजों में ऐसी कोई फर्म के ना होने को अस्वीकार किया है।

    वहीं, इसी आधार पर विभाग जांच शुरू नहीं कर सकता है। लेकिन विभाग जानकारी तलाशने में जुटा हुआ है। अधिकारी ने आगे बताया कि विभाग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सीनियर अधिकारियों को पनामा मामले से जुड़ी जानकारी इकठ्ठी करने के लिए ब्रिटिश वर्जिन आईसलैंड भेजा है।

    बता दें कि पनामा पेपर्स मामले में भारत के कई अभिनेताओं और नेताओं और बिजनेसमैन के नाम जुडें हुए हैं। लेकिन बच्चन ने इस बात से इंकार कर दिया है और कहा कि विदेशों में लेन देन उन्होंने भारतीय नियमों के अनुरूप ही किया है।

    पनामा पेपर्स, पनामा आधारित लॉ फर्म से लीक हुए पेपर्स हैं। मोसेक फोन्सेका एक पनामा कानून फर्म और कॉर्पोरेट सेवा प्रदाता कंपनी है जिसके दुनियाभर में 35 कार्यालय हैं और 11.5 मिलियन कागजात जिनमें 2,14,000 अपतटीय संस्थाएं शामिल हैं।

    फर्म में 1977 से 2015 तक रिकॉर्ड शामिल है। वहीं पनामा पेपर्स के चलते 50 देशों से 140 राजनेताओं के नाम सामने आए हैं जो अपतटीय खातों से जुडें हुए हैं। बता दें कि भारत पनामा पेपर्स उल्लंघन मामले में सहयोग और जानकारी मुहैया कराने के लिए ग्लोबल-टास्क-फॉर्स से जुड़ा हुआ है।


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