Published On : Sat, Oct 31st, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

अंबाझरी तालाब में जलकुंभी हटाने NMC का डबल एक्शन, पानी में हार्वेस्टर तो किनारों पर JCB-पोकलेन

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बीच का हिस्सा साफ होने के बाद किनारों पर फिर उगने लगी जलकुंभी; वाडी STP शुरू होने से सीवेज का प्रवाह रोकने की उम्मीद, 5 करोड़ रुपये से दलदल हटाने वाली मशीन खरीदेगी मनपा

अंबाझरी तालाब में जलकुंभी हटाने NMC का डबल एक्शन, पानी में हार्वेस्टर तो किनारों पर JCB-पोकलेन

नागपुर, 31 अक्टूबर। अंबाझरी तालाब को जलकुंभी (Eichhornia) से मुक्त रखने के लिए नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने अब दोहरी रणनीति अपनाई है। महीनों की मेहनत के बाद तालाब के बीच का बड़ा हिस्सा साफ कर दिया गया है, लेकिन किनारों पर दलदल में दबे बीजों से जलकुंभी के नए पौधे फिर उगने लगे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए मनपा पानी के भीतर हार्वेस्टर मशीन और किनारों पर JCB व पोकलेन मशीनों की मदद से सफाई कर रही है।

बीच का हिस्सा साफ, किनारों पर फिर बढ़ने लगी जलकुंभी

मनपा उपायुक्त राजेश भगत के अनुसार, तालाब के बीच का पानी फिलहाल साफ है, लेकिन तल में दबे जलकुंभी के बीज अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर दोबारा अंकुरित हो रहे हैं। किनारों पर उग रहे नए पौधे फिलहाल छोटे हैं। यहां पानी कम और दलदल अधिक होने के कारण भारी एक्वेटिक हार्वेस्टर मशीन से सफाई करना मुश्किल है।

इसी वजह से मनपा ने सफाई के लिए अलग-अलग मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया है। पानी में हार्वेस्टर से जलकुंभी निकाली जा रही है, जबकि उन हिस्सों में JCB और पोकलेन लगाई गई हैं जहां नाव या हार्वेस्टर नहीं पहुंच सकते।

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सालभर चलेगी निगरानी और सफाई

राजेश भगत के मुताबिक, केवल एक बार सफाई करने से जलकुंभी की समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए पूरे साल नियमित निगरानी और यांत्रिक सफाई की जरूरत है। नए पौधे दिखाई देते ही उन्हें हटाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जलकुंभी को दोबारा फैलने का मौका न मिले।

वाडी STP शुरू होना स्थायी समाधान की दिशा में अहम

मनपा अधिकारियों का मानना है कि जलकुंभी को नियंत्रित करने के लिए केवल मशीनों से सफाई पर्याप्त नहीं है। तालाब में पहुंचने वाले अनुपचारित घरेलू सीवेज को रोकना भी जरूरी है।

मनपा के अतिरिक्त आयुक्त अंकित ने बताया कि जलकुंभी की नई वृद्धि को नियमित रूप से मैनुअल और मशीनों की मदद से हटाया जा रहा है। हालांकि, इसका स्थायी समाधान वाडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के शुरू होने से संभव होगा।

उनके अनुसार, वाडी STP चालू होने के बाद अंबाझरी तालाब में आने वाला अनुपचारित घरेलू सीवेज रोका जा सकेगा। इससे पानी में पहुंचने वाले जैविक पोषक तत्वों की मात्रा कम होगी, जो जलकुंभी की तेजी से वृद्धि के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

रोजाना चार कर्मचारी कर रहे हाथ से सफाई

कॉर्पोरेटर योगेश पाचपोर ने बताया कि तालाब के किनारों पर जलकुंभी की दोबारा वृद्धि रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए चार कर्मचारी रोजाना किनारों पर उगने वाली जलकुंभी को हाथ से निकाल रहे हैं। इसके साथ मशीनों से भी सफाई की जा रही है।

5 करोड़ रुपये से खरीदी जाएगी दलदल निकालने की मशीन

अंबाझरी तालाब की सफाई को दीर्घकालिक बनाने के लिए मनपा ने स्थायी समिति में दलदल निकालने वाली विशेष मशीन की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

वाडी STP का ट्रायल रन भी पूरा होने के करीब है। इसके शुरू होने के बाद मनपा तालाब में सीवेज का प्रवाह नियंत्रित करने और जलकुंभी की दोबारा वृद्धि रोकने के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था विकसित करना चाहती है।

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