Published On : Thu, Jul 4th, 2019

रोकडे ज्वेलर्स की ओर से सभी को गुरु पुष्यामृत योग की हार्दिक शुभकामनाएं !

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पुष्य नक्षत्र को शास्त्रों में शुभतम माना गया है। जब यह नक्षत्र सोमवार, गुरुवार या रविवार को आता है, तो एक विशेष वार नक्षत्र योग निर्मित होता है। जिसका संधिकाल में सभी प्रकार का शुभ फल सुनिश्चित हो जाता है।

गुरुवार को इस नक्षत्र के आने से गुरु पुष्य नामक योग का सृजन होता है। यह क्षण वर्ष में कभी-कभी आता है। इसलिए इसमें किए गए पुण्य कार्य अथवा आर्थिक कार्य स्थायी रहते हैं। इसलिए शुभ कार्यों को इस अवधि में प्रारंभ करना श्रेष्ठतम बताया है।

इसके अतिरिक्त कोई भी जातक इस दिन अपने कल्याण हेतु व गुरु की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए धर्मस्थलों में या गरीबों को विविध प्रकार की खाद्य सामग्री, वस्त्रादि भेंट कर सकते हैं।

कोई धार्मिक अनुष्ठान जैसे भगवान विष्णु व उनके अवतारों की पूजा-पाठ हवनादि कर ब्राह्मणों को प्रसन्न कर अपने सौभाग्य में वृद्धि सकते हैं। दुर्भाग्य व दरिद्रता का नाश करने वाला, मनोवांछित फल देने वाला तथा धार्मिक कार्यों को संपन्न करने वाला, यह गुरु-पुष्य योग अत्यधिक पवित्र एवं शुभ है।
ऐसे शुभ क्षणों को शुद्ध सोने से सजाएं और घर परिवार में खुशहाली बनाये रखें।

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