Published On : Wed, Oct 10th, 2018

‘हरेक मौज से कश्ती निकाल देते हैं…..’’ ताजुल औलिया की शान में पेश हुआ नातिया मुशायरा

नागपुर: सर्वधर्म समभाव के प्रतीक सूफी संत हजरत बाबा सैयद मोहम्मद ताजुद्दीन औलिया रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स ताजाबाद शरीफ उमरेड रोड में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसमें देशभर से जायरीन बाबा हुजूर के दरबार में हाजिरी लगाने यहां आ रहे हैं।

उर्स के विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में छोटा कुलशरीफ की फातेहा की गई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। रात को आॅल इंडिया नातिया मुशायरा का आयोजन किया गया। मालेगांव से आए शायर अब्दुल वाहिद अंसारी ने अपनी रचना बाबा जान को समर्पित करते हुए कहा कि ‘‘हरेक मौज से कश्ती निकाल देते हैं। भंवर की नाक में रस्सी डाल देते हैं। यही वो लोग हैं जो डूबने नहीं देते, पकड़ के बाजुए आशिक उछाल देते हैं।’’

Gold Rate
June 01- 2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 156,200 /-
Gold 22 KT ₹ 1,44,900 /-
Silver/Kg ₹ 2,62,500/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

इसी तरह कोलकाता से आए शायर सिकंदर शादाब ने कहा- ‘‘ले चलो मुझे महबूब-ए-दावर के पास, मैं मरूंगा मझारे पयम्बर के पास’’। बहराईच यू.पी. से आए जिया यजदानी ने कहा- ‘‘वो जो भारी हैं सबके सजदों पर, एक सजदा मेरे हुसैन का है।’’ लखनउ से आए मंच संचालक महशर फरीदी ने अपने अछूते अंदाज में कहा कि – ‘‘पूछते हैं सबसे सबका हाल ताजुल औलिया, सरवरे फौनेन आल ताजुल औलिया’’। इनके साथ ही अन्य शायर अब्दुल रहमान रिजवी, नियाज अहमद नियाज, कारी अरमान नूरी, कारी दिलनवाज अजहर ने भी श्रोताओं का मन मोह लिया। कारी रईस चनकापुरी ने अपनी रचना ‘‘मजहरे नूरी खुदा सरकार ताजुल औलिया’’… इन शब्दों के साथ पेशकश की।

मुशायरे के आरंभ में हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की ओर से प्रशासक गुणवंत कुबड़े, कार्यकारी सदस्य अश्विन बेथारिया, अमान खान, केयर टेकर शहजादा खान, गुलाम मुस्तफा ने सभी मेहमानों की दस्तारबंदी की। बुधवार 10 अक्तूबर को सुबह 10 बजे बड़े कुल शरीफ की फातेहा होगी। सभी से इस अवसर पर उपस्थिति की अपील ट्रस्ट की ओर से की गई है।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges