Published On : Wed, Nov 5th, 2014

यवतमाल : चारों भी परीक्षाएं रद्द होगी – जिलाधिकारी महिवाल


औरंगाबाद में पकडे गए रैकेट का मामला

Yawatmal Jiladhikari
यवतमाल।
यवतमाल के जिलाधिकारी तथा जिला चयन समिति के अध्यक्ष राहुल रंजन महिवाल ने मंगलवार को बुलाये गए सवांदाता सम्मलेन में बताया कि, चारों भी परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय उन्होंने लिया है. जिसकी जानकारी राज्य के ग्रामविकास सचिव को देंगे. उन्होंने बताया कि, यवतमाल जिला परिषद द्वारा पदभरती के मामले में औरंगाबाद में परीक्षा की पहली रात को 11 लोगों का रैकेट पकड़ा गया था. जिसमें 3 परीक्षाओं की उत्तरपत्रिका भी मिली थी. इस उत्तरपत्रिकाओं के 50 से 70 फीसदी जवाब मिल रहे है. जिससे यह परीक्षा रद्द करना अनिवार्य हो गया है. पुलिस ने जो 3 उत्तरपत्रिकाएं सौंपी है, मगर 4 पदों के लिए परीक्षा हुई है. इसलिए चारों भी परीक्षाएं रद्द करने के आदेश कल बुधवार को वे निकालनेवाले है. ऐसा भी उन्होंने बताया.

औरंगाबाद पुलिस ने जिलाधिकारी से की पूछताछ
औरंगाबाद का आर्थिक शाखा पुलिस बल के पीआई मधुकर सावंत यवतमाल पहुंचे उन्होंने यवतमाल के जिलाधिकारी तथा इस परीक्षा के चयन समिति के महिवाल से पेपर कब बनाया गया था ? पेपर बनाने में किन-किन अधिकारीयों ने मदद की थी ? पेपर की प्रतिलिपियाँ कहां निकाली गई? पेपर कहाँ बनाया गया था ? आदि के साथ सवालों की झड़ी इन जाँच अधिकारीयों ने लगाई. जिसके जवाब दिए गए है ? ऐसा भी महिवाल ने बताया. उन्होंने कहाँ कि, इस औरंगाबाद पुलिस से  इन्होंने छात्रों के पास से बरामद किये गए उत्तरपत्रिका की प्रतिलिपि मांगी थी, मगर अभी तक यह प्रतिलिपि नहीं मिल पाई है. पुलिस ने खुद के हाथ से लिखकर उत्तरपत्रिका सौंपी है जिसके आधार पर यवतमाल में हुए पर्चे के जवाब का तालमेल किया गया. उसके बाद 50 से 70 फीसदी यह उत्तरपत्रिका मेल खा रही है, ऐसा उन्होंने बताया. इतना ही नहीं इस पुलिस बल ने चयन समिति में जिला परिषद के प्रभारी सीईओ तथा अ ब सदस्यों से भी पूछताछ की है. इतना नहीं तो संभावित स्थानों पर जाकर वहां की प्रक्रिया भी जाँच की है.

खुद लैपटॉप पर बनाया पेपर
जिलाधिकारी महिवाल ने पूछे गए सवालों के जवाब में बताया कि, उन्होंने इन परीक्षाओं के पेपर खुद अपने लैपटॉप पर बनाये थे. इसमें कोई भी अधिकारी शामिल नहीं था. जिससे किसी अधिकारी का इसमें हाथ होने का सवाल नहीं उठता. उन्होंने बताया कि, इस परीक्षा में जितने परीक्षार्थियों ने आवेदन भरे थे, उसमें से आधे गैरहाजिर थे. उसमें विस्तार अधिकारी के 444 आवेदन आये थे. उसमें से 200 अनुपस्थित थे, कनिष्ट अभियंता ने 281 ने आवेदन किये थे. उसमें से 142 उपस्थित थे. प्रयोगशाला तंत्रज्ञ 64 लोगों ने आवेदन किये थे. इस सवांदाता सम्मलेन में जिला परिषद के डिप्टी सीईओ अरूण मोहड़, जिला सूचना अधिकारी मंगेश वरकड उपस्थित थे.