Published On : Thu, Jul 16th, 2015

अकोला : संस्था के पदाधिकारियों की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित

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अकोला। रोजदार पर काम कर रहे युवक को संस्था के पूर्व अध्यक्ष तथा सचिव ने उसका शारिरीक शोषण कर रहे थे. यह मामला प्रकाश में आने के पश्चात सिविल लाईन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था. जिसके पश्चात दोनों आरोपी फरार हो गए थे. इसी बीच गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी. जिस पर बुधवार को सुनवाई पूरी होने के पश्चात न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

अकोला के प्रतिष्ठिा भारतीय सेवा सदन द्वारा संचालित राधादेवी गोयनका महाविद्यालय (आरडीजी महिला महाविद्यालय) में काम रहे युवक को स्थायी करने के नाम पर 20 वर्षीय युवक का संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष निरंजन गोयनका तथ सचिव जुगलकिशोर रूंगटा वर्ष 2007 से लैंगिक शोषण कर रहे थे. ऐसा आरोप पत्र परिषद में युवक ने लगाते हुए विडियों की प्रति अखबारनवीसों को दी थी. युवक की शिकायत पर सिविल लाईन पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 377, 34 के तहत अपराध दर्ज किया था . जिसके बाद से दोनों आरोपी फरार हो गए है.

पुलिस की हिरासत से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में याचिका दायर की है. उक्त अभियोग की सुनवाई जिला व सत्र प्रथम श्रेणी न्यायाधीश वी.एन. तांबी के न्यायालय में हुई. बुधवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने इस मामले में अपना पैâसला सुरक्षित रख लिया है. आरोपियों की अग्रिम जमानत को लेकर न्यायालय क्या रूख अपनाता है इस ओर जिलेवासियों समेत शैक्षिक क्षेत्रों के लोगों की निगाहें लगी हुई है.
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