Published On : Tue, Jul 3rd, 2018

20 जुलाई को थमेंगे ट्रकों के पहिये

नागपुर: ट्रांसपोर्टरों को लेकर सरकार की दमनकारी नीतियों, एक्साइज ड्यूटी व वैट की दरों को कम करने और टोल मुक्त भारत जैसी मांगों को लेकर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के चेयरमैन बाल मलकीत सिंह की अध्यक्षता में शहर के सभी ट्रांसपोर्टरों की हुई सभा में सभी ने एकमत से 20 जुलाई को होने वाली ट्रक हड़ताल में अपना समर्थन दिया. सभा में एआईएमटीसी, को-आर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन अमृतलाल मदान, नागपुर ट्रकर्स यूनिटी के अध्यक्ष कुक्कू मारवाह, सचिव रजिंदरसिंह सैनी, प्रीतमसिंह सैनी, अवतार सिंह, महेंद्र बाल सिंह, टोनी जग्गी, गुरुदयालसिंह पड्डा, विजय कालरा, अमरजीतसिंह बग्गा, ओमकार सिंह, प्रीतमसिंह गूजर, सुखचैन सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.

चक्का चलेगा, तो देश चलेगा
बाल मलकीत सिंह ने सभा में कहा कि चक्का चलेगा, तो देश चलेगा और चक्का दौड़ेगा, तो अर्थव्यवस्था दौड़ेगी. इतना पता होने के बाद भी सरकार ट्रांसपोर्ट पर बिना वजह बोझ बढ़ा रही है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में बढ़ोतरी, टीडीएस का बोझ, पेट्रोल-डीजल में वृद्धि के साथ सरकार की एक्साइज बढ़ाकर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को खत्म किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि सरकार को पेट्रोल-डीजल में रोज भाव बढ़ाने की अपेक्षा 3 माह में एक बार बढ़ाना चाहिए. वहीं एक्साइज ड्यूटी व वैट की दरों को कम करना चाहिए. देशभर के ट्रांसपोर्टर जीएसटी, ऊंची डीजल कीमतों, सड़क पर ट्रक परिचालकों का उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और टोल नीतियों की समस्या से जूझ रहे हैं.

1,47,000 करोड़ का नुकसान सरकार को
आज सरकार को सभी टोल नाकों से करीब 20,000 करोड़ ही मिलते हैं. टोल नाकों से ईंधन, समय की बर्बादी होती है. सरकार 20,000 करोड़ कमाने के चक्कर में करीब 1,47,000 करोड़ का नुकसान कर रही है. सरकार जितना टोल नाकों से कमाती है, उतना ट्रांसपोर्टर एकमुश्त राशि देने को तैयार हैं, लेकिन भारत को टोल मुक्त करना होगा. इससे समय और ईंधन की बचत होगी. एआईएमटीसी टीम द्वारा सभी स्थानों पर जाकर 20 जुलाई की हड़ताल के लिए सभाएं की जा रही हैं, जिसमें सभी ट्रांसपोर्टरों का समर्थन मिल रहा है.