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    Published On : Tue, Sep 17th, 2019

    एम्स में शुरू हुई OPD -मिल रही डे केयर सुविधा

    नागपुर: आफ इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) में आखिरकार ओपीडी शुरू कर दी गई है. इमारत का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आईपीडी की भी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी. साथ ही संस्थान में अगले वर्ष से सुपरस्पेशलिटी सेवाएं भी मिलने लगेंगी. भविष्य में एम्स में उपचार मिलने से मेयो और मेडिकल पर पड़ने वाला दबाव कम होगा. ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मेडिकल में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

    फिलहाल एम्स की ओपीडी में डे केयर सुविधा मिल रही है. मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है. ओपीडी का समय सुबह 9 से शाम 5 बजे तक रखा गया है. मेडिकल की तरह ही यहां भी मामूली रजिस्ट्रेशन चार्ज लिया जा रहा है, जबकि बीपीएल मरीजों को नि:शुल्क सेवा दी जा रही है. इतना ही नहीं मरीजों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं. मरीजों के रजिस्ट्रेशन के लिए तीन काउंटर लगाए गय है. बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 9 कर दी जाएगी. ओपीडी में सभी विभागों के विशेषज्ञ उपलब्ध कराए गये हैं. आई, ईएनटी, मेडिसीन, सर्जरी, गाइनोकालाजी, आर्थोपेडिक, पीडियाट्रिक्स सहित अन्य विभाग कार्यरत किए गए हैं. वर्तमान में बारिश के दिन होने के कारण सबसे अधिक मरीज मेडिसीन विभाग में ही आ रहे हैं.

    – बर्डी से बस सुविधा
    ओपीडी शुरू होने के साथ ही एम्स में जाने के लिए सीताबर्डी से बसें भी शुरू हो गई है. सुबह 6 बजे से बर्डी से पहली बस निकलती है. लगातार कुछ देरी के बाद बसें निकल रही हैं. बसें सीधे एम्स में पहुंचने की वजह से लोगों को भटकना भी नहीं पड़ रहा है. लौटते वक्त भी बसें उपलब्ध होने से मरीजों व उनके परिजनों को आसानी हो गई है.

    – मेडिकल, मेयो का बोझ होगा कम
    हालांकि अभी एम्स की शुरूआत है, लेकिन भविष्य में जैसे-जैसे इमारत का कार्य पूरा होगा तो सुविधाएं भी बढ़ेगी. वैसे भी एम्स में उच्च दर्जे की सुविधाएं मिलती हैं. इस हालत में ग्राणीण भागों से आने वाले मरीजों को आसानी होगी. वर्तमान में मनपा के अस्पतालों में पर्याप्त सुविधा नहीं होने मेयो, मेडिकल में ही रिफर किये जाते हैं. यही वजह है कि दोनों मेडिकल कालेजों में मरीजों की भारी भीड़ रहती है. स्थिति यह है कि एक्स-रे और सोनोग्राफी के लिए भी सप्ताहभर से अधिक की वेटिंग रहती है. लेकिन एम्स की वजह से दोनों मेडिकल कालेजों का बोझ कुछ हद तक कम होगा. साथ ही अन्य राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए एम्स फायदेमंद साबित होगा.


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