Published On : Thu, Jul 7th, 2016

बिजली वितरक कंपनी एसएनडीएल की मनमानी, फिर एक बार जारी चेतावनी

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Bawankule
नागपुर:
नागपुर में बिजली वितरक कंपनी एसएनडीएल का और विवादों का पुराना नाता है। जिले के पालकमंत्री और ऊर्जा मंत्री चंद्रेशखर बावनकुले ने जनता और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी को देखते हुए फिर एक बार हिदायत दी है। गुरुवार को नागपुर के रवि भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में बोलते हुए ऊर्जा मंत्री ने कंपनी को हिदायत देते हुए सरकार की मज़बूरी भी बताई। हाल ही में पूर्व नागपुर के विधायक कृष्णा खोपड़े ने कंपनी पर अनाप-शनाप बिल भेजने का आरोप लगाते हुए जनता से बिजली बिल न भरने की अपील ऊर्जा मंत्री के सामने ही एक मीटिंग में कर दी।

विधायक की इस अपील पर आज अपनी बात रखते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा की यह तो सही है की बिजली वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर जनता और जनप्रतिनिधि दोनों की नाराजगी है। कंपनी का काम संतोषजनक भी नहीं है, पर कंपनी के साथ पिछली सरकार द्वारा किये गए करार की वजह से उनके हाँथ बंधे है फिर भी वह अपनी ओर से कंपनी के काम को सुधारने में लगे हुए है।

ऊर्जा मंत्री के मुताबिक बढे बिलों की समस्या दो तरह की है। एक जो कई महीनो तक बिल नहीं भरते जिससे बिल ज्यादा आता है, और दूसरी समस्या कंपनी महीनो तक रीडिंग नहीं लेती और जब महीनो बाद जब रीडिंग ली जाती है तब यूनिट के हिसाब से टैरिफ बढ़ जाता है और बिल भी। पर नियम के मुताबिक हर महीने मीटर की रीडिंग कंपनी के अनिवार्य है। ग्राहक को हर महीने मिलाना चाहिए। कंपनी को ऐसी शिकायत आई है कि ग्राहकों के बिजली मीटर की महीनो-महीनो तक रीडिंग नहीं ली जाती और जब इकठ्ठा रीडिंग नोट की जाती है तो यूनिट बढ़ जाता है जिससे टैरिफ भी बढ़ता है। पर उन्होंने कंपनी को निर्देश दिया है कि ग्राहकों से महीने के बिल के हिसाब से ही टैरिफ का बिल लिया जाये। ग्राहकों की इस समस्या को सुलझाने के लिए कंपनी को कैंप लगाकर इस शिकायत दुरुस्त करने का आदेश भी जारी किया गया है। किसी भी सूरत में कंपनी एमईआरसी द्वारा तय रेट से बहार जाकर बिजली का बिल नहीं वसूल सकती।

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ऊर्जा मंत्री ने यह तो माना की बिजली वितरण कंपनी में फाइनेंसियल और एडमिनिस्ट्रेटिव लेकुना है। कंपनी सेवा देने में भी फिसड्डी साबित हो रही है। कंपनी के कर्मचारी बेजबाबदारी से काम कर रहे है। फिर भी कंपनी ने अपनी कार्यप्रणाली में कुछ सुधार किये है। पर अब उसे पूरी तरह सुधारना होगा। आगामी 9 तारीख को कंपनी के उच्च अधिकारियो के साथ ऊर्जा मंत्री की बैठक है इस बैठक में कंपनी को अंतिम बार समझाया जायेगा नहीं तो अब फैसला सरकार लेगी। हालांकि ऊर्जा मंत्री ने विधायक कृष्णा खोपड़े की ज्यादा बिल जानबूझकर भेजे जाने की दलील को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया की इसमें कुछ हद तक ही सच्चाई है।

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