Published On : Mon, Feb 9th, 2015

अमरावती : 4 वर्षों बाद भी नहीं हुआ पुनर्वास


रोहणखेड़ा ग्रामवासियों ने लगाई गुहार

9 RohanKheda
अमरावती। रोहनखेड़ा पर्वतापुर पेढ़ी बैरेज के जलप्रभावित क्षेत्र में आता है. 5 दिसंबर 2011 को रोहनखेड़ा ग्रामवासियों के पुनर्वास करने पर निर्णय लिया गया था, जिससे ग्राम सभा में पुनर्वास के लिए रेवसा सुलतानपुर व पुसदा इस जगह को निश्चित किया गया. इसी के आधार पर जिलाधिकारी ने उस जगह पर पुनर्वास करने का निर्णय लिया था. इस बारे में संबंधित लोगों को दिशा निर्देश भी दिए गए थे. 22 अक्टुबर 2013 को पुनर्वास के लिए पैसे भरकर खेत मोच माप कर पुलिस बंदोबस्त में जगह देने के आदेश दिये थे, लेकिन आज तक इन ग्रामवासियों को पुनर्वास के लिए जमीन नहीं दी गई, जिससे यह प्रकल्पग्रस्त आज भी पुनर्वास के इंतजार में है, तत्काल पुनर्वास करने की मांग को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी किरण गित्ते को ग्रामवासियों ने ज्ञापन दिया.

अन्यथा रद्द करे प्रकल्प
उन्होंने कहा कि 21 जून 2014 को जिलाधिकारी कार्यालय में इस विषय पर मीटिंग भी हुई. 5 दिसंबर 2011 के निर्णयनुसार शासन कायम नहीं है, तो धरण रद्द करने का निर्णय गांववासियों ने लिया था, लेकिन इस दिशा में भी कोई पहल ना करने से प्रकल्पग्रस्त के पुनर्वास का मामला बीच में अटका हुआ है. इसीलिए जल्द से जल्द निर्णय दे, अन्यथा प्रकल्प रद्द करने की मांग ग्रामवासियों ने की है. इस समय कमलेश तायडे, गुलाब कोल्हे, ओंकार लाहे, अशोक हिवसे, मधुकर पांडे, दीपक तायडे, समेत अन्य थे.