Published On : Wed, Sep 8th, 2021
By Nagpur Today Nagpur News

नागरिकों की आजीविका के अधिकार के प्रति संवेदनशील हो प्रशासन

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नागपुर – सरकार जगाओ,वाणिज्य बचाओ संघर्ष समिति (एसजेवीबीएसएस) के संयोजक दीपेन अग्रवाल के नेतृत्व मेंं एक प्रतिनिधिमंडल, स्थानीय,राज्य प्रशासन द्वारा लगाए गए अनुचित और लगातार लॉकडाउन-प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का एक समूह, नागपुर की जिलाधिकारी आर विमला की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल हुआ।यह बैठक परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा थी, जैसा कि ऊर्जा मंत्री और नागपुर के पालक मंत्री, डॉ नितिन राऊत ने 6 सितंबर 2021 को हितधारकों के साथ नागपुर जिले में प्रतिबंधों को फिर से लागू करने से पहले चर्चा कर घोषणा करने की बात कही थी।

शुरुआत में दीपेन अग्रवाल ने कोविड पॉजिटिव मामलों की दैनिक सकारात्मकता दर में मामूली वृद्धि के प्रति स्थानीय प्रशासन की सतर्कता और नए मामलों में और वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शित संकल्प की सराहना करते हुए बताया कि 6 सितंबर को डॉ नितिन राऊत द्वारा दिया गया बयान नागरिकों को कोविड के उचित व्यवहार का अभ्यास करने के लिए चेतावनी देने के लिए लक्षित किया गया था, लेकिन बयान ने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की तुलना में अधिक अराजकता पैदा की। अग्रवाल ने जिलाधिकारी का ध्यान 4 जून, 2021 को राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश की ओर आकर्षित किया, जिसमें संबंधित जिले के लिए साप्ताहिक सकारात्मकता दर और ऑक्सीजन बेड की अधिभोग दर के आधार पर पूरे राज्य को पांच स्तरों में विभाजित किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि पिछले तीन दिनों से लगातार दो अंकों के सकारात्मक मामले सामने आने के बाद भी नागपुर जिले की साप्ताहिक सकारात्मकता दर 0.21% है। आज 65 सक्रिय मामले हैं और यह स्पष्ट है कि जिले में पर्याप्त ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं।

लॉकडाउन के प्रतिकूल प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए अग्रवाल ने कहा कि
प्रशासन को मामलों को उठाने के प्रति संवेदनशील होने के साथ-साथ नागरिकों के दुखों और स्थानीय प्रशासन, राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा समय-समय पर बार-बार किए गए लॉकडाउन के कारण उन्हें होने वाली कठिनाई के प्रति भी संवेदनशील होना चाहिए।

एसजेवीबीएसएस के सह-संयोजक और मंगल कार्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप कामदार ने कहा कि पिछले लॉकडाउन ने आतिथ्य क्षेत्र को मार डाला है। इस क्षेत्र के लगभग 50% उद्यमी परिचालन को फिर से शुरू करने में असमर्थ हैं, भले ही उन्हें संचालन की अनुमति दी गई हो। सेक्टर फिर से शुरू करने की अनुमति देने के लिए सेक्टरों की सूची में अंतिम था और केवल अगस्त 2021 के महीने में उन्हें आंशिक संचालन फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई थी। हाल ही में डॉ. राऊत द्वारा नागपुर जिले में कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा ने ग्राहकों में दहशत पैदा कर दी है। ग्राहक कल से फोन कर फंक्शन हॉल के लिए अपनी बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जाते हैं तो यह कई और व्यापारिक संस्थाओं और उनके कर्मचारियों के लिए मरण शैय्या जैसा होगा,और यह प्रशासन का इरादा नहीं हो सकता।

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सभी मुद्दों का सार बताते हुए दीपेन अग्रवाल ने कहा कि, दोनों मापदंडों का जायजा लेते हुए, स्थानीय प्रशासन को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 4 जून को जारी आदेशों के साथ खड़ा होना चाहिए और उक्त आदेश में निर्धारित योग्यता स्तर से अधिक कोई प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए।

जिलाधिकारी ने हितधारकों द्वारा उठाए गए निवेदनों को सुनने के बाद जानकारी देते हुए कहा कि 6 सितंबर को प्रशासन की सांकेतिक कार्रवाई नागरिकों की चिंता एवं भलाई से जुड़ी हुई है और सकारात्मक मामलों में वृद्धि के कारण उन्हें किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाने के लिए इसका सामना करना पड़ सकता है। उन्होंनेे प्रतिनिधिमंडल द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं को साझा किया और उनसे अनुरोध किया कि वे अपने सदस्यों को सकारात्मक होने से खुद को बचाने के लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाने के महत्व के बारे में शिक्षित करें। उन्होंने आगे बताया कि प्रशासन रोज़ कड़ी नजर रख रहा है और सभी हितधारकों यानी कानून लागू करने वाली एजेंसियों, राज्य सरकार और व्यापार संघों के साथ उचित परामर्श के बाद प्रतिबंध- लॉकडाउन को फिर से लागू करने का अंतिम निर्णय लेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से जल्द से जल्द टीकाकरण कराने की अपील की।

बैठक में संजय पुरंदरे, डिप्टी एसपी, नागपुर ग्रामीण पुलिस और महेश धमेचा, सहायक आयुक्त मनपा उपस्थित थे। एनवीसीसी के पदाधिकारी अश्विन मेहाडिया,राम‌अवतार तोतला, अर्जुनदास आहूजा, संजय के अग्रवाल, वीटीए के पदाधिकारी; हेमंत त्रिवेदी, अमरजीत चावला, पवन चोपड़ा नागपुर रेसिडेंशियल होटल्स एसोसिएशन के पदाधिकारी; दीपक खुराना उपस्थित थे।

दीपेन अग्रवाल ने आगे बताया कि, सरकार जगाओ, वाणिज्य बचाओ संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल नागपुर के मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी से मिलने वाला है, ताकि महामारी की स्थिति की समीक्षा करने और सर्वोत्तम तरीके से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लेने से पहले एक समग्र निर्णय लेने के लिए उन्हें बताया जा सके। सरकार द्वारा सहायता प्रदान किए बिना बार -बार लाॅकडाउन के कारण अस्तित्व के संकट का सामना कर रहे व्यवसायिक संस्थाओं और कर्मचारियों का पक्ष पुरजोर ढंग से उनके सामने रखा जा सके।

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